Monday, 7 April 2025

दिल लेना खेल है दिलदार का - राहुल देव बर्मन

दिल लेना खेल है दिलदार का  - राहुल देव बर्मन


दिल लेना खेल है दिलदार का 

भूले से नाम ना लो प्यार का 

प्यार भी रूठा यार भी रूठा 

देखो मुझको दिलवालों हा 

खाया है धोखा हो मैंने यार का) -२ 


वादों पे इनके ना जाना 

बातों में इनकी ना आना 

अरे, वादों पे इनके ना जाना 

बातों में इनकी ना आना 

इनकी मीठी बातें ये मतवाली आँखें 

ज़हर है प्यार का 

दिल ना खेल है ... 


इनपे ज़वानी लुटा दो 

या ज़िन्दगानी लुटा दो 

अरे, इनपे ज़वानी लुटा दो 

या ज़िन्दगानी लुटा दो 

अरे कुछ भी कर दीवाने रहेंगे ये अन्जाने 

रोना है बेकार का 

दिल ना खेल है ...

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चित्रपट : जमाने को दिखाना हैं
साल : १९८२
संगीत : राहुल देव बर्मन
गीतकार : मजरूह सुलतानपुरी
गायक / गायिका : राहुल देव बर्मन

ज़िन्दगी हसने गाने के लिए है पल, दो पल - किशोर कुमार

ज़िन्दगी हसने गाने के लिए है पल, दो पल - किशोर कुमार


ज़िन्दगी हसने गाने के लिए है पल, दो पल


इसे खोना नही, खो के रोना नही-2


ज़िन्दगी हसने गाने के लिए है पल, दो पल-2


तेरे गिरने मे भी, तेरी हार नही

कि तू आदमी है, अवतार नही-2


जो हो देश, वो भेष बना प्यारे

चले जैसे काम, चला प्यारे

प्यारे तू गम ना कर


ज़िन्दगी हसने गाने के लिए है पल, दो पल-2


जहा सच ना चले, वहा झूठ सही

जहाँ हक़ न मिले, वह लूट सही-2


यहा चोर है कई, कोई साच नही

सुख धुंध ले, सुख अपराध नही,

प्यार तू गम ना कर..


जिंदगी हसने गाने के लिए है पल, दो पल


इसे खोना नही, खो के रोना नही-2


जिंदगी हसने गाने के लिए है पल, दो पल-2

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चित्रपट : ज़मीर
साल : १९७५
संगीत : सपन चक्रवर्ती
गीतकार : साहिर लुधियानवी
गायक / गायिका : किशोर कुमार

हज़ार राहें, मुड़के देखीं कहीं से कोई सदा न आई - लता मंगेशकर - किशोर कुमार

हज़ार राहें, मुड़के देखीं कहीं से कोई सदा न आई -  लता मंगेशकर - किशोर कुमार


हज़ार राहें, मुड़के देखीं

कहीं से कोई सदा न आई

बड़ी वफ़ा से, निभाई तुमने

हमारी थोड़ी सी बेवफ़ाई


जहाँ से तुम मोड़ मुड़ गये थे

जहाँ से तुम मोड़ मुड़ गये थे

वो मोड़ अब भी वही खड़े हैं


हम अपने पैरों में जाने कितने

हम अपने पैरों में जाने कितने

भंवर लपेटे हुए खड़े हैं

बड़ी वफ़ा से, निभाई तुमने

हमारी थोड़ी सी बेवफ़ाई


कहीं किसी रोज़ यूं भी होता

कहीं किसी रोज़ यूं भी होता

हमारी हालत तुम्हारी होती


जो रातें हमने गुज़ारी मरके

जो रातें हमने गुज़ारी मरके

वो रात तुमने गुज़ारी होतीं

बड़ी वफ़ा से, निभाई तुमने

हमारी थोड़ी सी बेवफ़ाई


तुम्हें ये ज़िद थी के हम बुलाते

हमें ये उम्मीद वो पुकारें


है नाम होंठों पे अब भी लेकिन

आवाज़ में पड़ गई दरारें


हज़ार राहें, मुड़के देखीं

कहीं से कोई सदा ना आई


बड़ी वफ़ा से, निभाई तुमने

हमारी थोड़ी सी बेवफ़ाई

हमारी थोड़ी सी बेवफ़ाई

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चित्रपट : थोड़ी सी बेवफाई
साल : १९८०
संगीत : खय्याम
गीतकार : गुलज़ार
गायक / गायिका : लता मंगेशकर - किशोर कुमार

Thursday, 3 April 2025

हे ताकी हो ताकी हो ताकी ताकी ताकी रे - किशोर कुमार - आशा भोंसले

हे ताकी हो ताकी हो ताकी ताकी ताकी रे - किशोर कुमार - आशा भोंसले


हे ताकी हो ताकी हो ताकी ताकी ताकी रे

जबसे तू आँखों में झाँकी

ताकी हो ताकी हो ताकी ताकी ताकी रे

जबसे मैं आँखों में झाँकी

अरे आपस में ताकधिन ताकधिन हो गया

अब क्या रह गया बाकी ताकी हो ताकी...


कैसी ये लगन है, कैसी ये अगन है

मिल के मन भरे नहीं, कैसा ये मिलन है

खिला खिला बदन है, गालों में चमन है

नए नए प्यार की, नैनों में किरण है

अरे आपस में ताकधिन...


मेरा दिलदार तू, मुझे इकरार है

सारा जग जान गया, तेरा-मेरा प्यार है

हो के बदनाम और, हुए मशहूर हम

अब सारी ज़िन्दगी, होंगे नहीं दूर हम

अरे आपस में ताकधिन...

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चित्रपट / एल्बम : हिम्मतवाला
साल : १९८३
संगीत : बप्पी लाहिड़ी
गीत के बोल : इंदीवर
गायक / गायिका : किशोर कुमार - आशा भोंसले

परदेसिया ये सच है पिया सब कहते हैं मैंने - लता मंगेशकर - किशोर कुमार

 परदेसिया ये सच है पिया सब कहते हैं मैंने - लता मंगेशकर - किशोर कुमार


ए हे हे रे चोरी-चोरी

मिलते हैं रे चाँद-चकोरी


परदेसिया ये सच है पिया

सब कहते हैं मैंने

तुझको दिल दे दिया

परदेसिया ये सच है पिया

सब कहते हैं मैंने

तुझको दिल दे दिया

मैं कहती हूँ तूने

मेरा दिल ले लिया


फूलों में, कलियों में, गाँव की गलियों में

हम दोनों बदनाम होने लगे हैं

नदिया किनारे पे, छत पे, चौबारे पे

हम मिलके हँसने-रोने लगे हैं

सुन के पिया, धड़के जिया

सब कहते हैं मैंने...


लोगों को कहने दो, कहते ही रहने दो

सच झूठ हम क्यूँ सबको बतायें

मैं भी हूँ मस्ती में, तू भी है मस्ती में

आ इस ख़ुशी में हम नाचें गायें

किसको पता, क्या किसने किया

सब कहते हैं तूने...


मेरा दिल कहता है, तू दिल में रहता है

मेरे भी दिल की कली खिल गई है

तेरी तू जाने रे, माने न माने रे

मुझको मेरी मंज़िल मिल गई

तू मिल गया, मुझको पिया

सब कहते हैं मैंने...

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चित्रपट / एल्बम : मि.नटवरलाल
साल : १९७९
संगीत : राजेश रोशन
गीत के बोल : आनंद बक्षी
गायक / गायिका : लता मंगेशकर - किशोर कुमार

कितनी खूबसूरत ये तस्वीर है - किशोर कुमार - लता मंगेशकर - सुरेश वाडकर

 कितनी खूबसूरत ये तस्वीर है   - किशोर कुमार - लता मंगेशकर - सुरेश वाडकर


कितनी खूबसूरत ये तस्वीर है  

मौसम बेमिसाल बेनज़ीर है

ये कशमीर है, ये कशमीर है


पर्वतों के दरमियाँ हैं

जन्नतों की तरमियाँ हैं

आज के दिन हम यहाँ हैं


साथी ये हमारी तकदीर है

कितनी खूबसूरत ये कशमीर है

ये कशमीर है, ये कशमीर है


इस ज़मीन से आसमान से

फूलों के इस गुलसिताँ से

जाना मुश्किल है यहाँ से


इस ज़मीन से आसमान से

फुलों के इस गुलसिताँ से

जाना मुशकिल है यहाँ से


तौबा ये हवा है या जंज़ीर है

कितनी खूबसूरत ये कशमीर है

ये कशमीर है, ये कशमीर है


ऐ सखी देख तो नज़ारा


एक अकेला बेसहारा


कौन है वो हम कहारा


मुझसा कोई आशिक़ ये दिलजीर है 


अरे, कितनी खूबसूरत ये कश्मीर है

ये कश्मीर है, ये कश्मीर है

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चित्रपट / एल्बम : बेमिसाल
साल : १९८२
संगीत : राहुल देव बर्मन
गीत के बोल : आनंद बक्षी
गायक / गायिका : किशोर कुमार - लता मंगेशकर - सुरेश वाडकर

धीरे धीरे चल चाँद गगन में - लता मंगेशकर - मोहम्मद रफ़ी

 धीरे धीरे चल चाँद गगन में - लता मंगेशकर - मोहम्मद रफ़ी


धीरे धीरे चल चाँद गगन में

कहीं ढल ना जाये रात, टूट ना जायें सपने

धीरे धीरे चल...


वो क्या चीज़ थी, मिला के नज़र गिरा दी

हुआ वो असर, के हमने नज़र झुका दी

गुन गुन गूँजे राग, आज पवन में

धीरे धीरे चल...


दो दिल मिल गये, दीये जल गये हज़ारों

अजी तुम मिल गये, तो गुल खिल गये हज़ारों

होंगी दो-दो बात आज मिलन में

धीरे धीरे चल...

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चित्रपट / एल्बम : लव मैरेज
साल : १९५९
संगीत : शंकर - जयकिशन
गीत के बोल : हसरत जयपुरी
गायक / गायिका : लता मंगेशकर - मोहम्मद रफ़ी

आने वाले साल को सलाम - शब्बीर कुमार

आने वाले साल को सलाम - शब्बीर कुमार


हे आने वाले साल को सलाम

जाने वाले साल को सलाम

नये साल का.. ओ नये साल का 

पहेला जाम, आपके नाम

हैप्पी न्यू ईयर..

हैप्पी न्यू ईयर..

हैप्पी न्यू ईयर..

हैप्पी न्यू ईयर...

हैप्पी हैप्पी हैप्पी हैप्पी न्यू ईयर

ओ नये साल का पहेला जाम, 

आपके नाम.. आपके नाम 

हैप्पी न्यू ईयर..

हैप्पी न्यू ईयर..

हैप्पी न्यू ईयर..

हैप्पी न्यू ईयर...

हैप्पी हैप्पी हैप्पी हैप्पी न्यू ईयर…


चहेरों पर चहेरे अनजाने

कौन किसी को अब पहेचाने

चहेरों पर चहेरे अनजाने

कौन किसी को अब पहेचाने

किसके दिल में क्या है जाने

आज निगाहों से लेते हैं

लोग जुबां का काम आपके नाम

हैप्पी न्यू ईयर 

ओ नये साल का पहेला जाम, 

आपके नाम...


अरे बड़े मियाँ का हाल तो देखो

उफ़ ये उम्र, ये चाल तो देखो

मस्ती में है सब मस्ताने

यार नये कुछ दोस्त पुराने

मस्ती में है सब मस्ताने

यार नये कुछ दोस्त पुराने

शायर आशिक़ और दीवाने

एक जगह पर जमा हुए हैं

शहर के सब बदनाम.. आपके नाम

हैप्पी न्यू ईयर

ओ नये साल का पहेला जाम, 

आपके नाम…


हाँ तो मैं क्या केह रहा था

हुजूर आप आनंद बक्षी की लिखी

तोता मैना की कहानी सुना रहे थे

सुनाइये ना, 

अरे हाँ फिर तोते से बोली मैना

याद रहेगी आज की रैना

फिर तोते से बोली मैना

याद रहेगी आज की रैना

नये साल का ओय क्या कहेना

भोर भई सब पंछी जागे जाग हो तोताराम

आपके नाम

हैप्पी न्यू ईयर..

ओ नये साल का पहेला जाम, 

आपके नाम

नये साल का पहेला जाम, 

आपके नाम

हैप्पी न्यू ईयर..

हैप्पी न्यू ईयर..

हैप्पी न्यू ईयर..

हैप्पी न्यू ईयर...

हैप्पी हैप्पी हैप्पी हैप्पी न्यू ईयर 

हैप्पी न्यू ईयर..

हैप्पी न्यू ईयर..

हैप्पी न्यू ईयर..

हैप्पी न्यू ईयर...

हैप्पी हैप्पी हैप्पी हैप्पी न्यू ईयर…

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चित्रपट : आपके साथ 
साल : १९८६
संगीत : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
गीतकार : आनंद बख्शी
गायक गायिका : शब्बीर कुमार

छोड़ो सनम काहे का गम - किशोर कुमार - अनेट पिंटो

छोड़ो सनम काहे का गम - किशोर कुमार - अनेट पिंटो


छोड़ो सनम काहे का गम

हँसते रहो खिलते रहो

मिट जाएगा सारा गिला

हमसे गले मिलते रहो

छोड़ो सनम काहे का...


मुस्कुराती हसीन आँखों से

देखो-देखो समां बदलता है कैसे

जान-ए-जहां चेहरे की रंगत

खुल जाती है ऐसे

छोड़ो सनम काहे का...


आओ मिलकर के यूँ बहक जाएँ

के महक जाए आज होठों की कलियाँ

झूमे फ़िज़ा, ये गलियाँ बन जाए

फूलों की गलियाँ

छोड़ो सनम काहे का...

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चित्रपट :  कुदरत
साल : १९८१
संगीत : राहुल देव बर्मन
गीतकार : मजरूह सुल्तानपुरी
गायक गायिका : किशोर कुमार - अनेट पिंटो

संदेसे आते हैं, हमें तड़पाते हैं - सोनू निगम - रूप कुमार राठोड़

 संदेसे आते हैं, हमें तड़पाते हैं - सोनू निगम - रूप कुमार राठोड़


संदेसे आते हैं, हमें तड़पाते हैं

जो चिट्ठी आती है, वो पूछे जाती है

के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे

के तुम बिन ये घर सूना सूना है


किसी दिलवाली ने, किसी मतवाली ने

हमें खत लिखा है, ये हमसे पूछा है

किसी की साँसों ने, किसी की धड़कन ने

किसी की चूड़ी ने, किसी के कंगन ने

किसी के कजरे ने, किसी के गजरे ने

महकती सुबहों ने, मचलती शामों ने

अकेली रातों में, अधूरी बातों ने

तरसती बाहों ने और पूछा है तरसी निगाहों ने

के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे

के तुम बिन ये दिल सूना सूना है

संदेसे आते हैं...


मोहब्बतवालों ने, हमारे यारों ने

हमें ये लिखा है, कि हमसे पूछा है

हमारे गाँवों ने, आम की छांवों ने

पुराने पीपल ने, बरसते बादल ने

खेत खलियानों ने, हरे मैदानों ने

बसंती बेलों ने, झूमती बेलों ने

लचकते झूलों ने, दहकते फूलों ने

चटकती कलियों ने, और पूछा है गाँव की गलियों ने

के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे

के तुम बिन गाँव सूना सूना है

संदेसे आते हैं...


कभी एक ममता की, प्यार की गंगा की

जो चिट्ठी आती है, साथ वो लाती है

मेरे दिन बचपन के, खेल वो आंगन के

वो साया आंचल का, वो टीका काजल का

वो लोरी रातों में, वो नरमी हाथों में

वो चाहत आँखों में, वो चिंता बातों में

बिगड़ना ऊपर से, मोहब्बत अंदर से, करे वो देवी माँ

यही हर खत में पूछे मेरी माँ

के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे

के तुम बिन आँगन सूना सूना है

संदेसे आते हैं...


ऐ गुजरने वाली हवा बता

मेरा इतना काम करेगी क्या

मेरे गाँव जा, मेरे दोस्तों को सलाम दे

मेरे गाँव में है जो वो गली

जहाँ रहती है मेरी दिलरुबा

उसे मेरे प्यार का जाम दे

उसे मेरे प्यार का जाम दे


वहीँ थोड़ी दूर है घर मेरा

मेरे घर में है मेरी बूढ़ी माँ

मेरी माँ के पैरों को छू के तू, उसे उसके बेटे का नाम दे

ऐ गुजरने वाली हवा ज़रा

मेरे दोस्तों, मेरी दिलरुबा, मेरी माँ को मेरा पयाम दे

उन्हें जा के तू ये पयाम दे


मैं वापस आऊंगा, घर अपने गाँव में

उसी की छांव में, कि माँ के आँचल से

गाँव की पीपल से, किसी के काजल से

किया जो वादा था वो निभाऊंगा

मैं एक दिन आऊंगा...

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चित्रपट :  बॉर्डर
साल : १९९८
संगीत : अनु मलिक
गीतकार : जावेद अख्तर
गायक गायिका : सोनू निगम - रूप कुमार राठोड़

कहीं करती होगी, वो मेरा, इंतज़ार - मुकेश - लता मंगेशकर

 कहीं करती होगी, वो मेरा, इंतज़ार  - मुकेश - लता मंगेशकर


कहीं करती होगी, वो मेरा, इंतज़ार 

जिसकी तमन्ना में, फिरता हूँ बेक़रार 


दूर ज़ुल्फ़ों कि छाओं से, 

कहता हूँ मैं हवाओं से 

उसी बुत कि अदाओं के, अफ़साने हज़ार 

वो जो बाहों में मचल जाती, 

हसरत ही निकल जाती, 

मेरी दुनिया बदल जाती, मिल जाता क़रार 

कहीं करती होगी ...


कहीं बैठी होगी राहों में

गुम अपनी ही बाहों में

लिये खोयी सी निगाहों में, खोया खोया स प्यार

साया रुकी होगी आँचल की

चुप होगी धुन पायल की

होगी पलकों में काजल की, खोयी खोयी बहार

कहीं करती होगी ...


अरमान है कोई पास आये,

इन हाथों में वो हाथ आये, 

फिर ख़्वाबों की घटा छाये, बरसाये खुमार 

उन्हीं बीती दिन रातों पे, 

मतवाली मुलक़ातों पे, 

उल्फ़त भरी बातों पे, हम होते निसार 


कहीं करती होगी, वो मेरा, इंतज़ार 

जिसकी तमन्ना में, फिरता हूँ बेक़रार

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चित्रपट : फिर कब मिलोगे
साल : १९७४
संगीत : राहुल देव बर्मन
गीतकार : मजरूह सुलतानपुरी
गायक / गायिका : मुकेश - लता मंगेशकर

दिल चीज़ क्या है, आप मेरी जान लीजिए - आशा भोसले

दिल चीज़ क्या है, आप मेरी जान लीजिए - आशा भोसले


दिल चीज़ क्या है, आप मेरी जान लीजिए

दिल चीज़ क्या है, आप मेरी जान लीजिए

बस एक बार मेरा कहा

बस एक बार मेरा कहा मान लीजिए

बस एक बार मेरा कहा मान लीजिए

दिल चीज़ क्या है, आप मेरी जान लीजिए


[Verse 1]

इस अंजुमन में आपको

इस अंजुमन में

इस अंजुमन में आपको

इस अंजुमन में आपको

इस अंजुमन में आपको आना है बार-बार

आना है बार-बार




दीवार-ओ-दर को गौर से

दीवार-ओ-दर को गौर से पहचान लीजिए

दीवार-ओ-दर को गौर से पहचान लीजिए

दिल चीज़ क्या है, आप मेरी जान लीजिए



माना कि दोस्तों को नहीं

दोस्तों, दोस्तों को नहीं

माना कि दोस्तों को नहीं, दोस्ती का पास



लेकिन यह क्या के गैर का

लेकिन यह क्या के गैर का एहसान लीजिए

लेकिन यह क्या के गैर का एहसान लीजिए

दिल चीज़ क्या है, आप मेरी जान लीजिए



कहिए तो

कहिए तो आसमान को

कहिए तो आसमान को ज़मीन पर उतार लाएँ



मुश्किल नहीं है कुछ भी

मुश्किल नहीं है कुछ भी अगर ठान लीजिए

मुश्किल नहीं है कुछ भी अगर ठान लीजिए

दिल चीज़ क्या है, आप मेरी जान लीजिए

बस एक बार मेरा कहा

बस एक बार मेरा कहा मान लीजिए

मान लीजिए, मान लीजिए

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चित्रपट : उमराव जान
साल : १९८१
संगीत : खय्याम
गीतकार : शहरयार
गायक / गायिका : आशा भोसले

दीवार-ओ-दर को गौर से पहचान लीजिए - आशा भोसले

दीवार-ओ-दर को गौर से पहचान लीजिए - आशा भोसले


दीवार-ओ-दर को गौर से

दीवार-ओ-दर को गौर से पहचान लीजिए

दीवार-ओ-दर को गौर से पहचान लीजिए

दिल चीज़ क्या है, आप मेरी जान लीजिए



माना कि दोस्तों को नहीं

दोस्तों, दोस्तों को नहीं

माना कि दोस्तों को नहीं, दोस्ती का पास



लेकिन यह क्या के गैर का

लेकिन यह क्या के गैर का एहसान लीजिए

लेकिन यह क्या के गैर का एहसान लीजिए

दिल चीज़ क्या है, आप मेरी जान लीजिए



कहिए तो

कहिए तो आसमान को

कहिए तो आसमान को ज़मीन पर उतार लाएँ



मुश्किल नहीं है कुछ भी

मुश्किल नहीं है कुछ भी अगर ठान लीजिए

मुश्किल नहीं है कुछ भी अगर ठान लीजिए

दिल चीज़ क्या है, आप मेरी जान लीजिए

बस एक बार मेरा कहा

बस एक बार मेरा कहा मान लीजिए

मान लीजिए, मान लीजिए

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चित्रपट : उमराव जान
साल : १९८१
संगीत : खय्याम
गीतकार : शहरयार
गायक / गायिका : आशा भोसले

अंग अंग तेरा रंग रचा के, ऐसा करूँ सिंगार - किशोर कुमार - आशा भोंसले

 अंग अंग तेरा रंग रचा के, ऐसा करूँ सिंगार - किशोर कुमार - आशा भोंसले


अंग अंग तेरा रंग रचा के, ऐसा करूँ सिंगार

जब-जब झांझर झनकाऊ मैं, खनके मन के तार

मुझे नौलखा मंगा दे रे, ओ सैंया दीवाने

मुझे नौलखा मंगा दे रे, ओ सैंया दीवाने

माथे पे झूमर, कानों में झुमका

पाँव में पायलिया, हाथों में हो कंगना

मुझे नौलखा मंगा...


तुझे मैं तुझे मैं

तुझे गले से लगा लूँगी, ओ सैयां दीवाने

मुझे अंगिया सिला दे रे, ओ सैयां दीवाने

तुझे मैं तुझे मैं

तुझे सीने से लगा लूँगी, ओ सैंया दीवाने

मुझे नौलखा मंगा...


सलमा सितारों की झिलमिल चुनरिया

आऊँ पहनके तो फिसले नजरिया

मुझको सजा दे बलमा

सजा दे मुझको सजा दे बलमा

कोरी कुँवारी ये कमसिन उमरिया

तेरे लिए नाचे सज के सांवरिया

लाली मंगा दे सजना

सूरज से लाली मंगा दे सजना

तुझे मैं, तुझे मैं

तुझे होठों से लगा लूँगी, ओ सैंया दीवाने

मुझे नौलखा मंगा...


मैं तो सारी उमरिया लुटाये बैठी

बलमा दो अँखियों की शरारत में

मैं तो जन्मों का सपना सजाये बैठी

सजना खो के तेरी मोहब्बत में


माना रे माना ये अब मैंने माना

होता है क्या सैयां दिल का लगाना

रोके ये दुनिया, या रूठे ज़माना

जाना है मुझको सजन घर जाना

हो, जैसे गजरा हँसे जैसे गजरा हँसे

जैसे गजरा हँसे जैसे गजरा हँसे

वैसे अँखियों में तुम मुस्कुराना

हो किरणों से ये मांग मेरी सजा दे

पूनम के चंदा की बिंदिया मंगा दे

तुझे मैं, तुझे मैं

तुझे माथे पे सजा लूँगी, ओ सैयां दीवाने


माथे पे झूमर, कानों में झुमका

पाँव में पायलिया, हाथो में हो कँगना

मुझे नौलखा मँगा दे रे, ओ सैयां दीवाने

तेरे क़दमों पे छलका दूँगी, मैं सारे मैख़ाने


लोग कहते हैं मैं शराबी हूँ

तुमने भी शायद ये ही सोच लिया हाँ

लोग कहते हैं...


किसी पे हुस्न का गुरुर, जवानी का नशा

किसी के दिल पे मोहब्बत की रवानी का नशा

किसी को देख के साँसों से उभरता है नशा

बिना पीये भी कहीं हद से गुज़रता है नशा

नशे में कौन नहीं है मुझे बताओ ज़रा

किसे है होश मेरे सामने तो लाओ ज़रा

नशा है सब पे मगर रंग नशे का है जुदा

खिली खिली हुई सुबह पे, है शबनम का नशा

हवा पे खुशबू का बादल पे, है रिमझिम का नशा

कही सुरूर है खुशियों का, कहीं ग़म का नशा


नशा शराब में होता तो नाचती बोतल

मैकदे झूमते पैमानों में होती हलचल

नशे में कौन नहीं है, मुझे बताओ ज़रा

लोग कहते हैं...


थोड़ी आँखों से पिला दे रे, सजनी दीवानी

तुझे मैं तुझे मैं

तुझे साँसों में बसा लूँगा, सजनी दीवानी

तुझे नौलखा मंगा दूँगा, सजनी दीवानी...

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चित्रपट : शराबी
साल : १९८४
संगीत : बप्पी लाहिड़ी
गीत के बोल : अंजान
गायक / गायिका : किशोर कुमार - आशा भोंसले

मैं रंगीला प्यार का राही - लता मंगेशकर - सुबीर सेन

मैं रंगीला प्यार का राही - लता मंगेशकर - सुबीर सेन


सु: मैं रंगीला प्यार का राही

    दूर मेरी मंज़िल

    शोख नज़र का तीर तू ने मारा

    दिल हुआ घायल

 

ल: तेरे लिए ही सम्भाल के रखा था

    प्यार भरा ये दिल

    तेरे इशारों पे चलता रहेगा

    ओ मेरे क़ातिल

 

सु: आ हा हा आ हा हा आ हा हा

ल: आ हा हा आ हा हा आ हा हा

 

सु: (तेरी राह पर जो मैं रुक गया

    मुझे रही न अपनी खबर) -२

ल: (मेरे साथ चल मेरे हमसफ़र

    अब तेरी मेरी इक डगर) -२

    अब तेरी मेरी एक डगर

सु: मैं रंगीला ...


सु: (जो आज है वो कभी न था

     ये चमन पे उजला निखार ) -२

ल: (ये रंग है मेरे प्यार का

     जो खिला है बनके बहार ) -२

     जो खिला है बनके बहार

सु: मैं रंगीला ...


सु: मुझे लूट लिया तेरे प्यार ने

    ये गिला मैं किस से करूँ

ल: तुझे जीत लिया, दिल हार के

    अब हवा में उड़ती फिरूँ

सु: मैं रंगीला ...

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चित्रपट : छोटी बहन
साल : १९५९
संगीत : शंकर - जयकिशन
गीत के बोल : शैलेन्द्र
गायक / गायिका : लता मंगेशकर - सुबीर सेन

छलकाए जाम, आइये आपकी - मोहम्मद रफ़ी

छलकाए जाम, आइये आपकी - मोहम्मद रफ़ी


छलकाए जाम, आइये आपकी

आँखों के नाम, होठों के नाम

छलकाए जाम...


फूल जैसे तन पे जलवे ये रंग-ओ-बू के

आज जाम-ए-मय उठे इन होठों को छू के

लचकाइये शोख-ए-बदन

महकाइये जुल्फों की शाम

छलकाए जाम...


आप ही का नाम लेकर पी है सभी ने

आप पर धड़क रहे हैं, प्यालों के सीने

यहाँ अजनबी कोई नहीं

ये है आपकी महफ़िल तमाम

छलकाए जाम...


कौन हर किसी की बाहें बाहों में डाले

जो नज़र नशा पिलाए, वो ही संभाले

दुनिया को हो औरों की धुन

हमको तो है साकी से काम

छलकाए जाम...

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चित्रपट : मेरे हमदम मेरे दोस्त
साल : १९६८
संगीत : लक्ष्मीकांत - प्यारेलाल
गीत के बोल : मजरुह सुलतानपुरी
गायक / गायिका : मोहम्मद रफ़ी

लागा गोरी गुजरिया से नेहा हमार - मोहम्मद रफ़ी

लागा गोरी गुजरिया से नेहा हमार - मोहम्मद रफ़ी


लागा गोरी गुजरिया से नेहा हमार

होइ गवा सारा चौपट मोरा रोजगार


नैन लड़ जई हे तो मनवा मा कसक होइबे करी

प्रेम का चुटी हे पटाखा तो धमक होइबे करी

नैन लड़ जई हे...


रूप को मनमा बसईबा तो बुरा का होई हे

तोहू से प्रीत लगईबा तो बुरा का होई हे

प्रेम की नगरी म कुछ हमरा भी हक़ होइबे करी

नैन लड़ जई हे...


होई गवा मनमा मोरे तिरछी नजर का हल्ला

गोरी को देखे बिना निंदिया ना आवै हमका

फाँस लगी है तो करेजवा म खटक होइबे करी

नैन लड़ जई हे...


आँख मिल जई है सजनिया से तो नाचन लगीहे

प्यार की मीठी गजल मनवा भी गावन लगीहे

झाँझ बजी है तो कमरिया म लचक होइबे करी

नैन लड़ जई हे...


नैना जब लड़ी है तो भैय्या मनमा कसक होइबे करी

मन ले गयी रे धोबनिया रामा कैसा जादू डार के

कैसा जादू डार के रे, कैसा टोना मार के

मन ले गयी रे...

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चित्रपट : गंगा जमुना
साल : १९६१
संगीत : नौशाद अली
गीत के बोल : शकील बदायुनी
गायक / गायिका : मोहम्मद रफ़ी

तस्वीर तेरी दिल में जिस दिन से उतारी है - लता मंगेशकर - मोहम्मद रफ़ी

तस्वीर तेरी दिल में जिस दिन से उतारी है - लता मंगेशकर - मोहम्मद रफ़ी


तस्वीर तेरी दिल में

जिस दिन से उतारी है

फिरूँ तुझे संग ले के

नए-नए रंग ले के

सपनों की महफ़िल में

तस्वीर तेरी दिल में...


माथे की बिंदिया तू है सनम

नैनों का कजरा पिया तेरा ग़म

नैन के नीचे-नीचे

रहूँ तेरे पीछे-पीछे

चलूँ किसी मंज़िल में

तस्वीर तेरी दिल में...


तुम से नज़र जब गई है मिल

जहाँ है कदम तेरे, वहीं मेरा दिल

झुके जहाँ पलकें तेरी

खुले जहाँ ज़ुल्फ़ें तेरी

रहूँ उसी मंज़िल में

तस्वीर तेरी दिल में...


तूफ़ान उठाएगी दुनिया मगर

रूक न सकेगा दिल का सफ़र

यूँ ही नज़र मिलती होगी

यूँ ही शमा जलती होगी

तेरी-मेरी मंज़िल में

तस्वीर तेरी दिल में...

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चित्रपट : माया
साल : १९६१
संगीत : सलिल चौधरी
गीत के बोल : मजरूह सुल्तानपुरी
गायक / गायिका : लता मंगेशकर - मोहम्मद रफ़ी

क्‍या खूब लगती हो बडी सुन्‍दर दिखती हो - मुकेश - कंचन

क्‍या खूब लगती हो बडी सुन्‍दर दिखती हो - मुकेश - कंचन 


क्‍या खूब लगती हो बडी सुन्‍दर दिखती हो


क्‍या खूब लगती हो बडी सुन्‍दर दिखती हो

फिर से कहो कहते रहो अच्‍छा लगता है

जीवन का हर सपना अब सच्‍चा लगता है


क्‍या खूब लगती हो बडी सुन्‍दर दिखती हो

क्‍या खूब लगती हो बडी सुन्‍दर दिखती हो


तारीफ करोगे कब तक वोलो कब तक

मेरे सीने में सॉस रहेगी जब तक

कब तक मैं रहूॅगी मन में हॉ मन में

सूरज होगा जब तक नील गगन में


फिर से कहो कहते रहो अच्‍छा लगता है

जीवन का हर सपना अब सच्‍चा लगता है


क्‍या खूब लगती हो बडी सुन्‍दर दिखती हो

तुम प्‍यार प्यारी हो तुम जान हमारी हो 


खुश हो ना मुझे तुम पाकर मुझे पाकर 

प्‍यासे दिल को आज मिला है सागर 

क्‍या दिल में है और तमन्‍ना है तमन्‍ना 

हर जीवन में तुम मेरे ही बनना  


फिर से कहो कहती रहो अच्‍छा लगता है

जीवन का हर सपना अब सच्‍चा लगता है


क्‍या खूब लगती हो बडी सुन्‍दर दिखती हो

तुम प्‍यार प्यारे हो तुम जान हमारी हो 


तुम प्‍यार प्यारे हो तुम जान हमारी हो

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चित्रपट : धर्मात्मा
साल : १९७५
संगीत : कल्याणजी - आनंदजी
गीत के बोल : इंदिवर
गायक / गायिका : मुकेश - कंचन

ज़िंदगी चल तेरा शुकरिया - श्रेया घोषाल - जीत गांगुली

ज़िंदगी चल तेरा शुकरिया - श्रेया घोषाल - जीत गांगुली


ज़िंदगी चल तेरा शुकरिया

शायद मिले ना तू कल की सुबह

जो दीया हमने हंस के लिया

ऐ ज़िन्दगी तेरा चल शुक्रिया

हर साँसों का हर ख्वाब का

उम्मीद के सएलाब का

तुझसे जुडी हर बात का शुक्रिया

तेरी धुप का बरसात का

थामा जीसे उस हाथ का

अच्छे बूरे हलात का शुक्रिया

शुक्रीया शुक्रीया शुक्रीया शुक्रीया

मिलना बीछडना आना जाना

तैं है सब कुछ पेहलेसे

प्यार भरे पल बाँध के रखले

बाकि सब कुछ रेहने दे

कुछ नही हाथ आयेगा यहाँ

फिर भी ऐ ज़िंदगी तेरा शुकरिया

कुछ नही हाथ आयेगा यहाँ

फ़िर भी ऐ ज़िंदगी तेरा शुकरिया

अलविदा रेहना तू खुश सदा

शायद मिलू ना मै कल की सुबाह

अलविदा रेहना तू खुश सदा

शायद मिलू ना मै कल की सुबाह

ओम नमः शिवाय

ओम नमः शिवाय

ओम नमः शिवाय

ओम नमः शिवाय

शुक्रीया

शुक्रीया

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चित्रपट : सड़क - २
साल : २०२०
संगीत : जीत गांगुली
गीत के बोल : जीत गांगुली
गायक / गायिका : श्रेया घोषाल - जीत गांगुली

जोश-ए--जवानी हाय रे हाय - मुकेश

जोश-ए--जवानी हाय रे हाय - मुकेश


जोश-ए--जवानी हाय रे हाय

निकले जिधर से धूम मचाये

दुनिया का मेला, मैं हूँ अकेला

कितना अकेला हूँ मैं

जोश-ए-जवानी हाय रे हाय   ...


शाम का रंगीं शोख़ नज़ारा

और बेचारा ये दिल

ढूँध के हारा, कोई सहारा

पर न मिली मंज़िल

जोश-ए-जवानी हाय रे हाय   ...


कोई तो हमसे दो बात करता

कोई तो कहता हलो

घर न बुलाता पर ये तो कहता

कुछ दूर तक संग चलो

जोश-ए-जवानी हाय रे हाय   ...


बेकार गुज़रे हम इस तरफ़ से

बेकार था ये सफ़र

अब दर-ब-दर की खाते हैं ठोकर

राजा जो थे अपने घर

जोश-ए-जवानी हाय रे हाय   ...

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चित्रपट : अराउंड द वर्ल्ड
साल : १९६७
संगीत : शंकर - जयकिशन
गीत के बोल : शैलेन्द्र
गायक / गायिका : मुकेश

पल दो पल का साथ हमारा - मोहम्मद रफ़ी - आशा भोंसले

पल दो पल का साथ हमारा - मोहम्मद रफ़ी - आशा भोंसले


पल दो पल का साथ हमारा

पल दो पल के याराने हैं

पल दो पल का साथ हमारा

पल दो पल के याराने हैं

इस मंज़िल पे मिलाने वाले

इस मंज़िल पे मिलाने वाले उस

मंज़िल पर खो जाने हैं

पल दो पल का साथ हमारा

पल दो पल के याराने हैं


आआ….धा नि पमा प्

पल दो पल का साथ हमारा

पल दो पल का साथ हमारा

पल दो पल के याराने हैं

इस मंज़िल पे मिलाने वाले

इस मंज़िल पे मिलाने वाले उस

मंज़िल पर खो जाने हैं

पल दो पल का साथ हमारा

पल दो पल के याराने हैं

पल दो पल पल दो

पल का साथ हमारा

हमारा पल दो पल पल दो

पल का साथ हमारा हमारा


आआ….


नज़रों के शोक नज़ारे

होंठों के गर्म पैमाने हूँ

नज़रों के शोक नज़ारे

होंठों के गर्म पैमाने

हैं आज अपनी महफ़िल में

कल क्या हो कोई क्या जाने

नज़रों के शोक नज़ारे

होंठों के गर्म पैमाने

हैं आज अपनी महफ़िल में

कल क्या हो कोई क्या जाने

ये पल कुशी की जन्नत है

इस पल में जी ले दीवाने

ये पल कुशी की जन्नत है

इस पल में जी ले दीवाने

आआ….

आज की खुशियां एक हक़ीक़त

कल की खुशियाँ अफ़साने हैं

पल दो पल का साथ हमारा

पल दो पल के याराने हैं

पल दो पल पल दो

पल का साथ हमारा

हमारा पल दो पल पल दो

पल का साथ हमारा हमारा



 आआ….


हर ख़ुशी कुछ देर

की मेहमान है

पूरा कर ले दिल में

जो अरमान है

पूरा कर ले दिल में

जो अरमान है

आआ….

ज़िन्दगी इक तेज़ रौ इस का

जो पीछा करे नादाँ है

हर ख़ुशी कुछ

देर की मेहमान है

पूरा कर ले दिल

में जो अरमान है

ज़िन्दगी इक तेज़ रौ इस का

जो पीछा करे नादाँ है

गुमशुदा खुशियों पे

हाय गुमशुदा

गुमशुदा कुशियों

पर क्यों हैरान है

वक़्त लौटे इस का कब इम्तेहान है

झूम जब तक झूम

झूम जब तक झूम

आआ….

झूम जब तक धड़कनों

में जान है

झूमना ही ज़िन्दगी की शान है

झूम जब तक झूम

झूम जब तक झूम

झूम जब तक धड़कनों

में जान है आहे

झूमना ही ज़िन्दगी

की शान है आहे

अव्वल आखिर हर कोई अनजान है

ज़िन्दगी बस राह की पहचान है

झूम जब तक झूम

झूम जब तक झूम

दोस्तों अपना तो ये ईमान है

जो भी जितना साथ दे एहसान है

दोस्तों अपना तो ये ईमान है

जो भी जितना साथ दे एहसान है

हूँ..

उम्र का रिश्ता जोड़ने वाले

उम्र का रिश्ता जोड़ने वाले

अपनी नज़र में दीवाने हैं

पल दो पल का साथ हमारा

पल दो पल के याराने हैं

पल दो पल का साथ हमारा

पल दो पल के याराने हैं.

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चित्रपट : द बर्निंग ट्रेन

साल : १९८०

संगीत : आर. डी. बर्मन

गीत के बोल : साहिर लुधियानवी

गायक / गायिका : मोहम्मद रफ़ी - आशा भोंसले


दिल की बातें दिल ही जाने - किशोर कुमार - लता मंगेशकर

दिल की बातें दिल ही जाने -  किशोर कुमार - लता मंगेशकर


दिल की बातें दिल ही जाने

नाजुक नाजुक प्यारे प्यारे वाडे हैं इरादे हैं

ा ा मिलके दामन दामन से बाँध ले

ा ा मिलके दामन दामन से बाँध ले

दिल की बातें दिल ही जाने

दिल की बातें दिल ही जाने

नाजुक नाजुक प्यारे प्यारे वाडे हैं इरादे हैं

ा ा मिलके दामन दामन से बाँध ले

ा ा मिलके दामन दामन से बाँध ले

दिल की बातें दिल ही जाने


तू हंस पडी या फुलझडी छुटी कहीं

धड़कन बढ़ी इक शोला सा लहरा गया

हा हा यह नूर होगा तेरी आँखों में प्यार का

या नग़मा गूंजा होगा बहार का

दिल की बातें दिल ही जाने


नाजुक नाजुक प्यारे प्यारे वाडे हैं इरादे हैं

ा ा मिलके दामन दामन से बाँध ले

ा ा मिलके दामन दामन से बाँध ले

दिल की बातें दिल ही जाने


तू जो कहे मै वह कहु साया बनु संग संग राहु

तू और मै अब्ब एक हैं

ा ा मै गीत बन तेरे होंठ चूम लू

ा सपना बनके इन् आँखों में झूम लूँ

दिल की बातें दिल ही जाने

नाजुक नाजुक प्यारे प्यारे वाडे हैं इरादे हैं

ा ा मिलके दामन दामन से बाँध ले

ा ा मिलके दामन दामन से बाँध ले

दिल की बातें दिल ही जाने

दिल की बातें दिल ही जाने

दिल की बातें दिल ही जाने.

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चित्रपट : रूप तेरा मस्ताना
साल : १९७२
संगीत : लक्ष्मीकांत - प्यारेलाल
गीत के बोल : आनंद बक्शी
गायक / गायिका : किशोर कुमार - लता मंगेशकर

किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार - मुकेश

किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार -  मुकेश


किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार

किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार

किसी के वासते हो तेरे दिल में प्यार

जीना इसी का नाम है


माना अपनी जेब से फ़कीर हैं

फिर भी यारों दिल के हम अमीर हैं

मिटे जो प्यार के लिए वो ज़िन्दगी

जले बहार के लिए वो ज़िन्दगी

किसी को हो ना हो हमें तो ऐतबार

जीना इसी का नाम है...


रिश्ता दिल से दिल के ऐतबार का

ज़िन्दा है हमीं से नाम प्यार का

के मर के भी किसी को याद आयेंगे

किसी के आँसुओं में मुस्कुराएँगे

कहेगा फूल हर कली से बार-बार

जीना इसी का नाम है...

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चित्रपट : अनाड़ी
साल : १९५९
संगीत : शंकर - जयकिशन
गीत के बोल : शैलेन्द्र
गायक / गायिका : मुकेश

आप की आँखों में कुछ महके हुए से राज़ है - किशोर कुमार - लता मंगेशकर

आप की आँखों में कुछ महके हुए से राज़ है - किशोर कुमार - लता मंगेशकर


किशोर: आप की आँखों में कुछ महके हुए से राज़ है

आपसे भी खूबसूरत आपके अंदाज़ हैं

आप की आँखों में कुछ महके हुए से राज़ है


लब हिले तो मोगरे के फूल खिलते हैं कहीं     - २

आप की आँखों में क्या साहिल भी मिलते हैं कहीं

आप की खामोशियाँ भी आप की आवाज़ हैं


लता: आप की आँखों में कुछ महके हुए से राज़ है

आप से भी खूबसूरत आपके अंदाज़ हैं

आप की आँखों में कुछ महके हुए से राज़ है


आप की बातों में फिर कोई शरारत तो नहीं     - २

बेवजह तारिफ़ करना आप की आदत तो नहीं

आप की बदमाशियों के ये नये अंदाज़ हैं


किशोर: आप की आँखों में कुछ महके हुए से राज़ है


लता: आप से भी खूबसूरत आपके अंदाज़ हैं

आप की आँखों में कुछ महके हुए से राज़ है

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चित्रपट : घर
साल : १९७८
संगीत : आर. डी. बर्मन
गीत के बोल : गुलज़ार
गायक / गायिका : किशोर कुमार - लता मंगेशकर

इक दिन बिक जाएगा, माटी के मोल - मुकेश

इक दिन बिक जाएगा, माटी के मोल - मुकेश


इक दिन बिक जाएगा, माटी के मोल

जग में रह जाएंगे, प्यारे तेरे बोल

दूजे के होंठों को, देकर अपने गीत

कोई निशानी छोड़, फिर दुनिया से डोल

इक दिन बिक जायेगा   ...


ला ला ललल्लल्ला


(अनहोनी पग में काँटें लाख बिछाए

होनी तो फिर भी बिछड़ा यार मिलाए ) - (२)

ये बिरहा ये दूरी, दो पल की मजबूरी

फिर कोई दिलवाला काहे को घबराये, तरम्पम,

धारा, तो बहती है, बहके रहती है

बहती धारा बन जा, फिर दुनिया से डोल

एक दिन ...


(परदे के पीछे बैठी साँवली गोरी

थाम के तेरे मेरे मन की डोरी  ) - (२)

ये डोरी ना छूटे, ये बन्धन ना टूटे

भोर होने वाली है अब रैना है थोड़ी, तरम्पम,

सर को झुकाए तू, बैठा क्या है यार

गोरी से नैना जोड़, फिर दुनिया से डोल

एक दिन ...

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चित्रपट : धरम करम
साल : १९७५
संगीत : राहुलदेव बर्मन
गीत के बोल : मजरूह सुलतानपुरी
गायक / गायिका : मुकेश

मेरा दिल भी कितना पागल है - अलका याज्ञिक - कुमार सानू

मेरा दिल भी कितना पागल है - अलका याज्ञिक - कुमार सानू


मेरा दिल भी कितना पागल है

ये प्यार तो तुमसे करता है

मेरा दिल भी कितना पागल है

ये प्यार तो तुमसे करता है

पर सामने जब तुम आते हो

पर सामने जब तुम आते हो

कुछ भी कहने से डरता है

ओ मेरे साजान.. ओ मेरे साजान..

साजान.. साजन.. मेरे साजान..


मेरा दिल भी कितना पागल है

ये प्यार तो तुमसे करता है..


कितना इसको समझाता हूँ 

कितना इसको बहलाता हूँ 

कितना इसको समझाता हूँ 

कितना इसको बहलाता हूँ 

नादान है कुछ ना समझता है 

दिन रात ये आहें भरता है 

मेरा दिल भी कितना पागल है 

ये प्यार तो तुमसे करता है 

मेरा दिल भी कितना पागल है 

ये प्यार तो तुमसे करता है 

पर सामने जब तुम आते हो 

पर सामने जब तुम आते हो 

कुछ भी कहने से डरता है 

ओ मेरे साजान.. ओ मेरे साजान.. 

साजान.. साजन.. मेरे साजान.. 

मेरा दिल भी.. 

हर पल मुझको तड़पाता है

 मुझे सारी रात जगाता है 

हर पल मुझको तड़पाता है 

मुझे सारी रात जगाता है 

इस बात की तुमको ख़बर नहीं 

ये सिर्फ तुम्ही पे मरता है 

मेरा दिल भी कितना पागल है

ये प्यार तो तुमसे करता है 

मेरा दिल भी कितना पागल है 

ये प्यार तो तुमसे करता है 

पर सामने जब तुम आते हो 

पर सामने जब तुम आते हो 

कुछ भी कहने से डरता है 

ओ मेरे साजान.. ओ मेरे साजान.. 

साजान.. साजन.. मेरे साजान.. 

मेरा दिल भी..

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चित्रपट : साजन

साल : १९९१

संगीत : नदीम - श्रावण

गीत के बोल : समीर

गायक / गायिका : अलका याज्ञिक - कुमार सानू



तेरी प्यारी प्यारी सूरत को किसी की नज़र ना लगे - मोहम्मद रफ़ी

तेरी प्यारी प्यारी सूरत को किसी की नज़र ना लगे -  मोहम्मद रफ़ी


तेरी प्यारी प्यारी सूरत को किसी की नज़र ना लगे

चश्मे बद्दूर

मुखड़े को छुपा लो आँचल में कहीं मेरी नज़र ना लगे

चश्मे बद्दूर...


यूँ ना अकेले फिरा करो सबकी नज़र से डरा करो

फूल से ज्यादा नाज़ुक हो तुम चाल संभलकर चला करो

जुल्फों को गिरा लो गालों पर मौसम की नज़र ना लगे

चश्मे बद्दूर...


एक झलक जो पाता है राही वहीं रुक जाता है

देख के तेरा रूप सलोना चाँद भी सर को झुकाता है

देखा ना करो तुम आइना कहीं ख़ुद की नज़र ना लगे

चश्मे बद्दूर...

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चित्रपट : ससुराल
साल : १९६१
संगीत : शंकर जयकिशन
गीत के बोल : हसरत जयपुरी
गायक / गायिका : मोहम्मद रफ़ी

दिल आज शायर है, ग़म आज नग़मा है - किशोर कुमार

 दिल आज शायर है, ग़म आज नग़मा है -  किशोर कुमार


दिल आज शायर है, ग़म आज नग़मा है

शब ये ग़ज़ल है सनम

गैरों के शेरों को ओ सुनने वाले

हो इस तरफ़ भी करम


आ के ज़रा देख तो तेरी खातिर

हम किस तरह से जिये

आँसू के धागे से सीते रहे हम

जो ज़ख्म तूने दिये

चाहत की महफ़िल में ग़म तेरा लेकर

क़िस्मत से खेला जुआ

दुनिया से जीते पर तुझसे हारे

यूँ खेल अपना हुआ...


ये प्यार हमने किया जिस तरह से

उसका न कोई जवाब

ज़र्रा थे लेकिन तेरी लौ में जलकर

हम बन गए आफ़ताब

हमसे है ज़िंदा वफ़ा और हम ही से

है तेरी महफ़िल जवाँ

हम जब न होंगे तो रो रोके दुनिया

ढूँढेगी मेरे निशां...


दे प्यार कोई खिलौना नहीं है

हर कोई ले जो खरीद

मेरी तरह ज़िन्दगी भर तड़प लो

फिर आना इसके करीब

हम तो मुसाफ़िर हैं कोई सफ़र हो

हम तो गुज़र जाएँगे ही

लेकिन लगाया है जो दांव हमने

वो जीत कर आएँगे ही...

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चित्रपट : गैम्बलर
साल : १९७१
संगीत : एस. डी. बर्मन
गीत के बोल : नीरज
गायक / गायिका : किशोर कुमार

रूप तेरा मस्ताना, प्यार मेरा दीवाना - किशोर कुमार

 रूप तेरा मस्ताना, प्यार मेरा दीवाना  -  किशोर कुमार


रूप तेरा मस्ताना, प्यार मेरा दीवाना 

भूल कोई हमसे ना हो जाये


(रात नशीली मस्त समा है 

आज नशे में सारा जहाँ हैं) - (२)

आये शराबी मौसम बहकाये - ए - ए - ए ...

रूप तेरा मस्ताना, प्यार मेरा दीवाना 

भूल कोई हमसे ना हो जाये


(आँखों से आँखें मिलती हैं जैसे 

बेचैन होके तूफ़ाँ में जैसे) - (२)

मौज कोई साहिल से टकराये - ए - ए - ए ...

रूप तेरा मस्ताना, प्यार मेरा दीवाना 

भूल कोई हमसे ना हो जाये


(रोक रहा है हमको ज़माना 

दूर ही रहना पास ना आना) - (२)

कैसे मगर कोई दिल को समझाये - ए - ए - ए ...

रूप तेरा मस्ताना, प्यार मेरा दीवाना 

भूल कोई हमसे ना हो जाये

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चित्रपट : आराधना
साल : १९६९
संगीत : सचिन देव बर्मन
गीत के बोल : आनंद बक्षी
गायक / गायिका : किशोर कुमार

ओ झीना झीना झीना रे, उड़ा गुलाल - अरिजीत सिंह

 ओ झीना झीना झीना रे, उड़ा गुलाल - अरिजीत सिंह


ओ झीना झीना झीना रे, उड़ा गुलाल

माई तेरी चुनरिया लहराई

रंग तेरी रीत का, रंग तेरी प्रीत का

रंग तेरी जीत का है, लाई, लाई, लाई

रंग तेरी रीत का, रंग तेरी प्रीत का

माई तेरी चुनरिया लहराई

जब-जब मुझपे है, उठा सवाल

माई तेरी चुनरिया लहराई

झीना झीना...


जग से हारा नहीं मैं, खुद से हारा हूँ माँ

इक दिन चमकूँगा लेकिन, तेरा सितारा हूँ माँ

माई रे, माई रे

तेरे बिन मैं तो अधूरा रहा

माई रे, माई रे

मुझसे ही रूठी मेरी परछाई

ओ मेरी परछाई, तेरा ख्याल

माई तेरी चुनरिया लहराई

झीना झीना...

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चित्रपट : ए. बी. सी. डी. २
साल : २०१५
संगीत : सचिन - जिगर
गीत के बोल : मयूर पुरी
गायक / गायिका : अरिजीत सिंह

लाल छड़ी मैदान खड़ी, क्या खूब लड़ी, क्या खूब लड़ी - मोहम्मद रफ़ी

लाल छड़ी मैदान खड़ी, क्या खूब लड़ी, क्या खूब लड़ी - मोहम्मद रफ़ी


लाल छड़ी मैदान खड़ी, क्या खूब लड़ी, क्या खूब लड़ी

हम दिल से गए, हम जाँ से गए

बस आँख मिली और बात बढ़ी


(वो तीखे तीखे दो नैना, उस शोक से आँख मिलाना था

देदे के क़यामत को दावत, एक आफ़त से टकराना था  ) -२

मत पूछो हम पर क्या गुज़री,

बिजली सी गिरी और दिल पे पड़ी

हम दिल से गए,  हाय, हम जाँ से गए ...


(तन तनकर ज़ालिम ने अपना, हर तीर निशाने पर मारा

(है शुक्र की अब तक ज़िंदा हूँ,  

मैं दिल का घायल बेचारा ) -२

उसे देखके लाल दुपट्टे में, 

मैने नाम दिया है लाल छड़ी

हम दिल से गए, हाय, हम जाँ से गए ...


(हम को भी ना जाने क्या सूझी, 

जा पहुंचे उसकी टोली में

(हर बात में उसकी था वो असर, 

जो नहीं बंदूक की गोली में ) -२

अब क्या होगा, अब क्या कीजे,

हर एक घड़ी मुश्किल की घड़ी

हम दिल से गए, हाय, हम जाँ से गए ...

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चित्रपट : जानवर
साल : १९७८
संगीत : शंकर - जयकिशन
गीत के बोल : शैलेन्द्र
गायक / गायिका : मोहम्मद रफ़ी

इश्क़ वालों से न पूंछो कि - लता मंगेशकर - किशोर

इश्क़ वालों से न पूंछो कि - लता मंगेशकर - किशोर 


इश्क़ वालों से न पूंछो कि

उनकी रात का आलम तनहा कैसे गुज़रता है

जुदा हो हमसफ़र जिसका, वो उसको याद करता है

न हो जिसका कोई वो मिलने की फ़रियाद करता है

    

सलाम-ए-इश्क़ मेरी जाँ ज़रा क़ुबूल कर लो

तुम हमसे प्यार करने की ज़रा सी भूल कर लो

मेरा दिल बेचैन, मेरा दिल बेचैन है हमसफ़र के लिये


मैं सुनाऊँ तुम्हें बात इक रात की

चांद भी अपनी पूरी जवानी पे था

दिल में तूफ़ान था, एक अरमान था 

दिल का तूफ़ान अपनी रवानी पे था

एक बादल उधर से चला झूम के

देखते देखते चांद पर छा गया

चांद भी खो गया उसके आगोश में

उफ़ ये क्या हो गया जोश ही जोश में

मेरा दिल धडका,

मेरा दिल तडपा किसीकी नज़र के लिये

सलामे-इश्क़ मेरी जां ज़रा क़ुबूल कर लो ...

    

इसके आगे की अब दास्तां मुझसे सुन

सुनके तेरी नज़र डबडबा जाएगी

बात दिल की जो अब तक तेरे दिल में थी

मेरा दावा है होंठों पे आ जाएगी

तू मसीहा मुहब्बत के मारों का है

हम तेरा नाम सुनके चले आए हैं

अब दवा दे हमें या तू दे दे ज़हर

तेरी महफ़िल में ये दिलजले आए हैं

एक एहसान कर, एहसान कर,

इक एहसान कर अपने मेहमान पर

अपने मेहमान पर एक एहसान कर

दे दुआएं,  दे दुआएं तुझे उम्र भर के लिये

सलामे-इश्क़ मेरी जां ज़रा क़ुबूल कर लो ...

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चित्रपट : मुकद्दर का सिकंदर
साल : १९७८
संगीत : कल्याणजी - आनंदजी
गीत के बोल : अंजान
गायक / गायिका : लता मंगेशकर - किशोर


लैला मैं लैला, ऐसी हूँ लैला - कंचन - अमित कुमार

लैला मैं लैला, ऐसी हूँ लैला - कंचन - अमित कुमार


लैला मैं लैला, ऐसी हूँ लैला

हर कोई चाहे मुझसे मिलना अकेला

जिसको भी देखूँ, दुनिया भुला दूँ

मजनू बना दूँ, ऐसी मैं लैला


लैला ओ लैला लैला, ऐसी तू लैला

हर कोई चाहे तुझसे मिलना अकेला


ओ मोहब्बत का जिसको तरीक़ा ना आया

उसे ज़िन्दगी का सलीक़ा न आया

राह-ए-वफ़ा में, जाँ पर जो खेला

उसके लिये है ये, हसीनों का मेला

लैला मैं लैला...


मुझे देखकर जो, न देखे किसी को

मेरे वास्ते जो मिटा दे खुदी को

उसी दीवाने की बनूँगी मैं लैला

उसे प्यार दूँगी मैं पहला-पहला

लैला मैं लैला...

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चित्रपट : क़ुर्बानी
साल : १९८०
संगीत : कल्याणजी - आनंदजी
गीत के बोल : इंदीवर
गायक / गायिका : कंचन - अमित कुमार

तेरी रब ने बना दी जोड़ी - शैलेन्द्र सींग - मोहम्मद रफ़ी - आशा भोसले

तेरी रब ने बना दी जोड़ी - शैलेन्द्र सींग - मोहम्मद रफ़ी - आशा भोसले


तेरी रब ने बना दी जोड़ी

तेरी रब ने

तेरी रब ने बना दी जोड़ी

तू हाँ कर या न कर यारा

हो यारा

ये बोले जोगी का एक तारा हो


ओ तेरी रब ने बना दी जोड़ी

तू हाँ कर या न कर यारा

हो यारा

ये बोले जोगी का एक तारा हो


क्या बोले तेरा एक तारा क्या बोले

हो क्या बोले तेरा एक तारा

मुझे क्या लेना है जोगी

हो जोगी मेरी शादी

मर्ज़ी से होगी हो


क्या करने हैं घोड़े-हाथी

क्या करने हैं बाराती

नैनों की इस डोली में

चल मुझे बिठा ले साकी

अरे इक लड़की कहाँ मिलती है

गुड़िया की तरह हिलती है

दिन रात तड़पते हैं भँवरे

तब एक कली खिलती है

हट जाओ मुझे जाने दो हट जाओ

ो हट जाओ मुझे जाने

न खनकाओ खान खान कंगना

ो कंगना मुझे नहीं

बनाना तेरा सजना हो


पहले क्यूँ आँख लड़ाई

गोरी की नींद चुराई

पहले क्यूँ आँख लड़ाई

गोरी की नींद चुराई

कर के बदनाम किसी को

बनाता है अब हरजाई

इस जाट यमले से डरना

अब तू इनकार न करना

चुप कर के बन जा दूल्हा

ये लाठी देख ले वरना

मत बांधो ज़बरदस्ती

से मत बांधो


ो मत बांधो ज़बरदस्ती से

मेरे सर सेहरे की लड़ियां

ो लड़ियाँ तुम्हें लग

जाएंगी हथकड़ियाँ हूँ


सच बोले दुनिया सारी

ये इश्क़ बुरी बीमारी

तूने मेरा दिल तोड़ा

मर जाऊं मार कटारी

चल छोड़ इसे दीवानी

मत कर बर्बाद जवानी

लाखों हैं इसके जैसे

लाखों में एक तू रानी

सौं रब दी मैं मर

जवन सौं राब दी

सौं रब दी मैं मर जवान

लड़ाई थी ये तो झूठी

ो झूठी पहन ले

प्यार की ये अंगूठी हो


ओ तेरी रब ने बना

दी जोड़ी तेरी रब ने

ओ तेरी रब ने बना

दी जोड़ी तेरी रब ने

ओ तेरी रब ने बना

दी जोड़ी तेरी रब ने.

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चित्रपट : सुहाग

साल : १९७९

संगीत : लक्समिकान्त - प्यारेलाल

गीत के बोल : आनंद बक्शी

गायक / गायिका : शैलेन्द्र सींग - मोहम्मद रफ़ी - आशा भोसले


एक क़दम आगे च च च - उषा उथुप

एक क़दम आगे च च च - उषा उथुप


च च च

च च च


ओने तवो च च च

लेट’स दो च च च

वे एंड यू च च च

दू ृ

च च च

एक दो च च च

ऐसे

बहुत अच्छा

एक दो च च च

दू ृ

च च च

च च च

च च च


एक क़दम आगे च च च

एक क़दम पीछे च च च

एक क़दम आगे च च च

एक क़दम पीछे च च च

आए

तहत’स थे वे ा हा आ हा

ी लिखे ित ा हा आ हा


पाँव रख आगे-पीछे

आँखे ऊपर हाथ थोड़ा निचे


पाँव रखो तो आगे-पीछे

आँखे ऊपर हाथ ा हाँ थोडा निचे

पाँव रखो तो आगे-पीछे

आँखे ऊपर हाथ ा हाँ थोडा निचे

ो बैक तो बैक

टंग चीक तो चीक

टंग ो बेबी ो बाबू


ओने तवो च च च

लेट’स दो थे च च च

वे एंड यू च च च

दू ृ

च च च

वाह हां च च च

क्या खूब च च च

ओह ग्रेट

दू ृ

च च च


तीर तक ता तिर तक तै

ताम ति ताम ताम ति ताम ताम ति ताम


ओह गॉड ंर नायडू

थिस इस नोट थे भरतनाट्यम थिस इस थे च च च

मर नायडू गिर मत जाना

यहां तुम्हे कल भी है आना

हे नायडू गिर मत जाना

यहां तुम्हे कल भी है आना

धीरप पाप् लो

देखो तो क़दमो का ये जादू


ओने तवो थ्री किक

ओने तवो थ्री किक

हूप तवो थ्री किक

ओने तवो थ्री किक

ओने तवो थ्री किक

हूप तवो थ्री किक

दू ृ

च च च

च च च


हे के ों ओवर हेरे लेट’स डांस एवरीबॉडी टुगेदर नाउ

वहाँ क्या है आल थे एक्शन इस हेरे मन

नज़र हमारी तरफ के ों रेमेम्बेर हाउ यू दो ित

च च च

क्रॉस दो च च च

टर्न तो च च च

दू ृ

सबके साथ

वाह वाह च च च

क्या खूब च च च

बहुत अच्छे च च च

दू ृ


ओह येह अब्सोलुटे ा हां

ओने तवो च च च

क्रॉस दो च च च

टर्न तो च च च

दू ृ

सबके साथ

वाह वाह च च च

हाँ बहुत अच्छा

ऐसे

ला ला ला

राइट


च च च

वाह वाह च च च

हाँ हाँ च च च

तहत’स थे वे च च च

हां हां च च च

वाह वाह च च च

क्या खूब कहा

च च च

राइट

हाँ

लाउड

के राइट.

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चित्रपट : शालीमार
साल : १९७८
संगीत : राहुल देव बर्मन
गीत के बोल : आनंद बख्शी
गायक / गायिका : उषा उथुप

चाँद मेरा दिल, चाँदनी हो तुम - आशा भोसले - किशोर कुमार - मोहम्मद रफ़ी - राहुलदेव बर्मन

 चाँद मेरा दिल, चाँदनी हो तुम - आशा भोसले - किशोर कुमार - मोहम्मद रफ़ी - राहुलदेव बर्मन


चाँद मेरा दिल, चाँदनी हो तुम

चाँद से है दूर, चाँदनी कहाँ

लौट के आना, है यहीं तुमको

जा रहे हो तुम, जाओ मेरी जां


वैसे तो हर क़दम, मिलेंगे लोग सनम

मिलेगा सच्चा प्यार मुश्किल से

दिल की दोस्ती, खेल नहीं कोई

दिल से दिल है मिलता यार मुश्किल से

यही तो है सनम, प्यार का ठिकाना

मैं हूँ, मैं हूँ, मैं हूँ ...

चाँद मेरा दिल ...


आ, दिल क्या, महफ़िल है तेरे

क़दमों में आ, दिल क्या, महफ़िल है तेरे


दुनिया की बहारें तेरे लिये

चाँद सितारे तेरे लिये, ओ ...

जाने अदा, हो हो हो, जाने वफ़ा

जाने वफ़ा, तुझपे मैं फ़िदा, हो हो हो

जाने वफ़ा, तुझपे मैं फ़िदा


हो, आ, दिल क्या, महफ़िल है तेरे

क़दमों में आ, दिल क्या, महफ़िल है तेरे


दुनिया ...

आ, दिल क्या ...


ओ तुम क्या जानो, मुहब्बत क्या है

दिल की महफ़िल ये महफ़िल नहीं दिल है


मिल गया हमको साथी मिल गया

हमसे गर कोई जल गया

हो हो जलने दे

चल गया प्यार का जादु चल गया

हो हो चलने दे


तेरे लिये, ज़माना तेरे लिये

और तू मेरे लिये

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चित्रपट : हम किसीसे कम नहीं
साल : १९७७
संगीत : राहुलदेव बर्मन
गीत के बोल : मजरूह सुलतानपुरी
गायक / गायिका : आशा भोसले - किशोर कुमार - मोहम्मद रफ़ी - राहुलदेव बर्मन

गोल माल है भइ सब गोल माल है - राहुल देव बर्मन - सपन चक्रवर्ती

गोल माल है भइ सब गोल माल है - राहुल देव बर्मन - सपन चक्रवर्ती


गोल माल है भइ सब गोल माल है -२

अरे गोल माल है भइ सब गोल माल है

हर सीधे रस्ते की एक टेढ़ी चाल है

सीधे रस्ते की एक टेढ़ी चाल है

गोल माल है भइ सब गोल माल है

गोल माल गोल माल है

गोल माल है सब गोल माल है


भूख रोटी की हो तो पैसा कमाइये

पैसा कमाने के लिये भी पैसा चाहिये

माँगे से ना मिले तो पसीना बहाइये

बहता है जब पसीना तो रूमाल चाहिये


हो गोल माल है भइ सब गोल माल है

गोल माल गोल माल है

गोल माल है भइ सब गोल माल है

हर सीधे रस्ते की एक टेढ़ी चाल है

सीधे रस्ते की एक टेढ़ी चाल है

गोल माल है भइ सब गोल माल है

गोल माल गोल माल है

गोल माल है सब गोल माल है


रूमाल बन गया भी गर कमीज़ फाड़ कर

कमीज़ के लिये भी तो फिर कपड़ा चाहिये

अरे कपड़ा किसी ने दान ही में दे दिया चलो

दर्ज़ी के पास जा के वो पहले सिलाइये


हो गोल माल है भइ सब गोल माल है

गोल माल गोल माल है

गोल माल है भइ सब गोल माल है

हे हे हे हे

हर सीधे रस्ते की एक टेढ़ी चाल है

सीधे रस्ते की एक टेढ़ी चाल है

गोल माल है भइ सब गोल माल है

गोल माल गोल माल गोल माल गोल 

गोल माल है सब गोल माल है


बिन सिली कमीज़ पे तो कुछ नहीं लिया

सिली हुई कमीज़ पे सिलाई चाहिये

सिलाई देने के लिये फिर पैसा चाहिये

पैसा कमाने के लिये फिर पैसा चाहिये


हो गोल माल है भइ सब गोल माल है

गोल माल गोल माल

गोल माल है भइ सब गोल माल है

हे हे हे हे

हर सीधे रस्ते की एक टेढ़ी चाल है

सीधे रस्ते की एक टेढ़ी चाल है

गोल माल है भइ सब गोल माल है

गोल माल माल गोल गोल गोल गोल 

गोल माल है सब गोल माल है

गोल

माल

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चित्रपट : गोल माल
साल : १९७९
संगीत : राहुल देव बर्मन
गीत के बोल : गुलज़ार
गायक / गायिका : राहुल देव बर्मन - सपन चक्रवर्ती

घूँघट की आड़ से दिलबर का दीदार अधूरा रहता है - कुमार सानू - अलका याग्निक

घूँघट की आड़ से दिलबर का दीदार अधूरा रहता है -  कुमार सानू - अलका याग्निक


घूँघट की आड़ से दिलबर का

दीदार अधूरा रहता है

जब तक ना पड़े, आशिक़ की नज़र

सिंगार अधूरा रहता है

घूँघट की आड़ से दिलबर का


घूँघट की आड़ से दिलबर का

दीदार अधूरा रहता है

जब तक ना मिले, नज़रों से नज़र

इक़रार अधूरा रहता है

घूँघट की आड़ से दिलबर का


गोरे मुखड़े से घूँघटा हटाने दे

घड़ी अपने मिलन की तो आने दे

मेरे दिल पे नहीं मेरा काबू है

कुछ नहीं ये चाहत का जादू है

बढ़ती ही जाती हैं सनम प्यार की ये बेखुदी हो

दो प्रेमियों के ना मिलने से

संसार अधूरा रहता है

जब तक ना पड़े...


बाग में गुल का खिलना ज़रूरी है

हाँ मोहब्बत में मिलना ज़रूरी है

पास आने का अच्छा बहाना है

क्या करूं मैं कि मौसम दीवाना है

दिल मेरा धड़काने लगी अब तो ये दीवानगी हो

बिना किसी यार के जान-ए-जां

ये प्यार अधूरा रहता है

जब तक न मिले...

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चित्रपट : हम हैं राही प्यार के
साल : १९९३
संगीत : नदीम - श्रवण
गीत के बोल : समीर
गायक / गायिका : कुमार सानू - अलका याग्निक

कभी सोचता हूँ के मैं कुछ कहू - किशोर कुमार

कभी सोचता हूँ के मैं कुछ कहू -  किशोर कुमार


कभी सोचता हूँ के मैं कुछ कहू

कभी सोचता हूँ के मैं चूप रहू



आदमी जो कहता हैं, आदमी जो सुनता हैं

जिंदगीभर वो सदाये पीछा करती हैं

आदमी जो देता हैं, आदमी जो लेता हैं

जिंदगीभर वो दुवायें पीछा करती हैं

कोई भी हो हर ख्वाब तो सच्चा नहीं होता

बहोत ज़्यादा प्यार भी अच्छा नहीं होता

कभी दामन छुड़ाना हो तो मुश्किल हो

प्यार के रिश्तें टूटे तो, प्यार के रस्ते छूटे तो

रास्ते में फिर वफ़ायें पीछा करती हैं

कभी कभी मन धूप के कारण तरसता हैं

कभी कभी फिर झूम के सावन बरसता हैं

पलक झपकें यहा मौसम बदल जाये

प्यास कभी मिटती नही, एक बूँद भी मिलती नही

और कभी रिमझिम घटायें पीछा करती हैं

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चित्रपट : मजबूर
साल : १९७४
संगीत : लक्ष्मीकांत - प्यारेलाल
गीत के बोल : आनंद बक्षी
गायक / गायिका : किशोर कुमार

चाँद सिफ़ारिश जो करता हमारी - शान - कैलाश खेर

चाँद सिफ़ारिश जो करता हमारी -  शान - कैलाश खेर


चाँद सिफ़ारिश जो करता हमारी

देता वो तुमको बता

शर्म-ओ-हया के परदे गिरा के

करनी है हमको ख़ता

जिद है अब तो है ख़ुद को मिटाना

होना हैं तुझमें फ़ना


तेरी अदा भी है झोंके वाली छू के गुज़र जाने दे

तेरी लचक है के जैसे डाली दिल में उतर जाने दे

आजा बाहों में करके बहाना होना है तुझमें फ़ना

चाँद सिफ़ारिश...


हैं जो इरादें बता दूँ तुमको शर्मा ही जाओगी तुम

धड़कनें जो सुना दूँ तुमको घबरा ही जाओगी तुम

हमको आता नहीं है छुपाना होना है तुझमें फ़ना

चाँद सिफ़ारिश...

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चित्रपट : फ़ना
साल : २००६
संगीत : जतिन - ललित
गीत के बोल : प्रसून जोशी
गायक / गायिका : शान - कैलाश खेर

कुछ तो हुआ है, कुछ हो गया है - शान - अल्का यागनिक

कुछ तो हुआ है, कुछ हो गया है -  शान - अल्का यागनिक


कुछ तो हुआ है, कुछ हो गया है

कुछ तो हुआ है, कुछ हो गया है

दो-चार दिन से लगता है जैसे

सब कुछ अलग है, सब कुछ नया है

कुछ तो हुआ है, कुछ हो गया है


चीज़ें मैं रख के भूल जाती हूँ

बेख्याली में गुनगुनाती हूँ

अब अकेले में मुस्कुराती हूँ

बदली हुई सी मेरी अदा है

कुछ तो हुआ है, कुछ हो गया है


पिघला पिघला है दिल मेरा जब से

अच्छा रहता है मूड भी तब से

हँस के मिलता हूँ, आजकल सब से

खुश हो गया है, जो भी मिला है

कुछ तो हुआ है, कुछ हो गया है


रंग चमकीले सारे लगते हैं

राह में बिखले तारे लगते हैं

फूल अब ज़्यादा प्यारे लगते हैं

महकी हुई सी जैसे हवा है

कुछ तो हुआ है, कुछ हो गया है


ध्यान अब अपना ज़्यादा रखता हूँ

सोचता हूँ मैं कैसा लगता हूँ

आईना हो तो देख लेता हूँ

कैसे ये चेहरा ऐसा खिला है

कुछ तो हुआ है, कुछ हो गया है


ये नशा जिसमें दोनों रहते हैं

ये लहर जिसमें दोनों बहते हैं

हो ना हो इसको प्यार कहते हैं

प्यार मिला तो, दिल खो गया है

कुछ तो हुआ है, कुछ हो गया है

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चित्रपट : कल हो ना हो
साल : २००३
संगीत : शंकर - एहसान - लाॅय
गीत के बोल : जावेद अख़्तर
गायक / गायिका : शान - अल्का यागनिक

अपने प्यार के सपने सच हुए - लता मंगेशकर - किशोर कुमार

 अपने प्यार के सपने सच हुए - लता मंगेशकर - किशोर कुमार


अपने प्यार के सपने सच हुए

होठों पे गीतों के फूल खिल गये

सारी दुनिया छोड़ के मन मीत मिल गये

अपने प्यार के सपने...


पल भर को मिले जो अँखियाँ

देखूँ मैं सुनी हैं जो बतियाँ

पढ़ लूँ तोरे नैनों की पत्तियाँ

बिना देखे तुम देखो मेरी आँखों से

अपने प्यार के सपने...


काँटों से भारी थी जो गलियाँ

उनमें खिली हैं अब कलियाँ

झूमो नाचो मनाओ रंगरलियाँ

चलो सजना कहें चल के सारे लोगों से

अपने प्यार के सपने...


जब-जब मिले जीवन ओ सजना

तुम ही मुझे पहनाओ कंगना

तेरी डोली रुके मेरे अंगना

मेरा घुंघटा तुम खोलो अपने हाथों से

अपने प्यार के सपने...

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चित्रपट : बरसात की एक रात
साल : १९८१
संगीत : राहुल देव बर्मन
गीत के बोल : आनंद बक्षी
गायक / गायिका : लता मंगेशकर - किशोर कुमार

काटे नहीं कटते ये दिन ये रात - किशोर कुमार - अलीशा चिनाय

काटे नहीं कटते ये दिन ये रात - किशोर कुमार - अलीशा चिनाय


I love you

काटे नहीं कटते ये दिन ये रात

कहनी थी तुमसे जो दिल की बात

लो आज मैं कहता हूँ

I love you


कोई नहीं है बस तुम हो साथ

कहनी थी तुमसे जो दिल की बात

लो आज मैं कहती हूँ

I love you


कैसी हवा है, धुली धुली

आज फ़िज़ा है, खुली खुली

सारा नज़ारा, नया नया

दिल ने पुकारा, पिया पिया

तुमने जो ली अंगड़ाई है

फिर बात वही याद आई है

लो आज मैं कहता...


महका महका, तेरा बदन

बहका बहका, मेरा ये मन

छलका छलका, रूप तेरा

हल्का हल्का, नशा मेरा

जब आ ही गई मैं पास तेरे

कह दूं जो दिल में है मेरे

लो आज मैं कहती...

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चित्रपट : मिस्टर इंडिया
साल : १९८७
संगीत : लक्ष्मीकान्त - प्यारेलाल
गीत के बोल : जावेद अख्तर
गायक / गायिका : किशोर कुमार - अलीशा चिनाय


मौसम मस्ताना रस्ता अंजना - आशा भोंसला - दिलराज कौर - ऐनेट पिंटो

 मौसम मस्ताना रस्ता अंजना - आशा भोंसला - दिलराज कौर - ऐनेट पिंटो


ल ल ल ला ल ल ल ला

ल ल ल ला ल ल ल ला

मौसम मस्ताना रस्ता अंजना

मौसम मस्ताना रस्ता अंजना

जाने कब किस मोड़ पे बन जाए कोई अफ़साना

आई आई आई आ या या या याह याह

ल ल ल लाल्लाह ला ला ला ला ला ला (ला ला ला ला ला ला)

मौसम मस्ताना मस्ताना रस्ता अंजना अंजना

जाने कब किस मोड़ पे बन जाए कोई अफ़साना

आई आई आई आ या या या याह याह (ला ला ला ला ला ला)

ल ल ल लाल्लाह ला ला ला ला ला ला (ला ला ला ला ला ला)

ला ला ला ला ला ला

ओ आज कल दिल अक्सर मचल मचल जाए

जब से आई जवानी बड़ा तड़पाए

आज कल दिल अक्सर मचल मचल जाए

जब से आई जवानी बड़ा तड़पाए

नही भरोसा इस का कब हो जाए किस का

नही भरोसा इस का कब हो जाए किस का

अभी तलक़ तो अपना है कब हो जाए बेगाना

आई आई आई आ या या या याह याह (ला ला ला ला ला ला)

ल ल ल लाल्लाह ला ला ला ला ला ला (ला ला ला ला ला ला)

मौसम मस्ताना मस्ताना रस्ता अंजना अंजना

जाने कब किस मोड़ पे बन जाए कोई अफ़साना

आई आई आई आ या या या याह याह (ला ला ला ला ला ला)

ल ल ल लाल्लाह ला ला ला ला ला ला (ला ला ला ला ला ला)

सोच के मैं घबराऊन नयी नयी बाते

आने ही वाली है प्यार भरी राते

सोच के मैं घबराऊन नयी नयी बाते

आने ही वाली है प्यार भरी राते

हर कोई ये जाने प्यार करे दीवाने

हर कोई ये जाने प्यार करे दीवाने

एक दिन तो यह होना ही है फिर कैसा घबराना

आई आई आई आ या या या याह याह ला ला ला ला ला ला

ल ल ल लाल्लाह ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला

मौसम मस्ताना रस्ता अंजाना

जाने कब किस मोड़ पे बन जाए कोई अफ़साना

आई आई आई आ या या या याह याह ला ला ला ला ला ला

ल ल ल लाल्लाह ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला

मौसम मस्ताना मस्ताना रस्ता अंजना अंजना

मौसम मस्ताना मस्ताना रस्ता अंजना अंजना

हो जाने कब किस मोड़ पे बन जाए कोई अफ़साना

आई आई आई आ या या या याह याह

ला ला ला ला ला ला

ल ल ल लाल्लाह ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला

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चित्रपट : सत्ते पे सत्ता
साल : १९८२
संगीत : आर. डी. बर्मन
गीत के बोल : गुलशन बावरा
गायक / गायिका : आशा भोंसला - दिलराज कौर - ऐनेट पिंटो

आजा रे, आजा रे ओ मेरे दिलबर आजा - लता मंगेशकर - नितिन मुकेश

आजा रे, आजा रे ओ मेरे दिलबर आजा - लता मंगेशकर - नितिन मुकेश


आजा रे, आजा रे ओ मेरे दिलबर आजा

दिल की प्यास बुझा जा रे

ओ नूरी नूरी


उजला उजला नर्म सवेरा

रूह में मेरी झांके

प्यार से पूछे कौन बसा है

तेरे दिल में आ के

आजा रे, आजा रे ओ मेरे दिलबर आजा

तू ही आके बता जा रे


दर्द जगाये मीठा मीठा

अरमां जागे जागे

प्यार की प्यासी मैं दीवानी

कुछ ना सोचूँ आगे

आजा रे, आजा रे ओ मेरे दिलबर आजा

फिर से आस बंधा जा रे


शाम सुहानी महकी महकी

खुशबू तेरी लाये

पास कहीं जब कलियाँ चटके

मैं जानू तू आये

आजा रे, आजा रे ओ मेरे दिलबर आजा

मुझमें आन समा जा रे


दूर नहीं मैं तुझसे साथी

मैं तो सदा से तेरी

एक नज़र जब तुझको देखूं

जागे किस्मत मेरी

आजा रे, आजा रे ओ मेरे दिलबर आजा

फिर से आस बंधा जा रे

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चित्रपट : नूरी
साल : १९७९
संगीत : खैय्याम
गीत के बोल : जां निसार अख्तर
गायक / गायिका : लता मंगेशकर - नितिन मुकेश

नीला आसमाँ सो गया - लता मंगेशकर

 नीला आसमाँ सो गया - लता मंगेशकर


नीला आसमाँ सो गया

नीला आसमाँ सो गया

नीला आसमाँ सो गया हो....

नीला आसमाँ सो गया


आँसुओं में चाँद डूबा, रात मुरझाई

आँसुओं में चाँद डूबा, रात मुरझाई

ज़िंदगी में दूर तक फैली है तन्हाई

जो गुज़रे हम पे वो कम है

तुम्हारे ग़म का मौसम है

नीला आसमाँ सो गया

नीला आसमाँ सो गया...


हो... याद की वादी में गूँजे बीते अफ़साने

याद की वादी में गूँजे बीते अफ़साने

हमसफ़र जो कल थे, अब ठहरे वो बेगाने

मोहब्बत आज प्यासी है

बड़ी गहरी उदासी है

नीला आसमाँ सो गया हो

नीला आसमाँ सो गया

नीला आसमाँ सो गया

नीला आसमाँ सो गया

नीला आसमाँ सो गया....

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चित्रपट : सिलसिला
साल : १९८१
संगीत : शिव हरी
गीत के बोल : जावेद अख्तर
गायक / गायिका : लता मंगेशकर

भोर भये पनघट पे, मोहे नटखट श्याम सताए - लता मंगेशकर

 भोर भये पनघट पे, मोहे नटखट श्याम सताए - लता मंगेशकर


भोर भये पनघट पे

भोर भये पनघट पे,

मोहे नटखट श्याम सताए,

भोर भये पनघट पे,

मोहे नटखट श्याम सताए,

मोरी चुनरिया लिपटी जाए,

मैं का करूँ हाय राम, हाय, हाय हाय,

भोर भये पनघट पे।


कोई सखी सहेली नाहीं,

संग मैं अकेली,

कोई देखे तो ये जाने,

पनियाँ भरने के बहाने,

गगरी उठाये, राधा श्याम से,

हाय हाय श्याम से, मिलने जाये हाय,

भोर भये पनघट पे,

मोहे नटखट श्याम सताए,

मोरी चुनरिया लिपटी जाए,

मैं का करूँ हाय राम, हाय, हाय हाय,

भोर भये पनघट पे।


आएं पवन झकोरा टूटे अंग अंग मोरा,

चोरी-चोरी चुपके चुपके,

बैठा कहीं पे वो छुपके,

देखे मुस्काये निरलज को,

निरलज को लाज ना आए, हाय,

भोर भये पनघट पे,

मोहे नटखट श्याम सताए,

मोरी चुनरिया लिपटी जाए,

मैं का करूँ हाय राम, हाय, हाय हाय,

भोर भये पनघट पे।


मैं न मिलूँ डगर में तो,

वो चला आए घर में,

मैं दूँ गाली मैं दूँ झिड़की,

मैं ना खोलूँ बंद खिड़की,

निंदिया जो आये तो वो कंकर,

हाँ हाँ, कंकर मार जगाए, हाय,

भोर भये पनघट पे मोहे,

नटखट श्याम सताये

मोरी चुनरिया लिपटी जाये

भोर भये पनघट पे,

मोहे नटखट श्याम सताए,

मोरी चुनरिया लिपटी जाए,

मैं का करूँ हाय राम, हाय, हाय हाय,

भोर भये पनघट पे।

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चित्रपट : सत्यम शिवम सुंदरम
साल : १९७८
संगीत : लक्ष्मीकांत - प्यारेलाल
गीत के बोल : आनंद बक्शी
गायक / गायिका : लता मंगेशकर

ऐ मेरी हमराज़ मुझको थाम ले ज़िन्दगी से भाग कर आया हूँ - सपना मुखर्जी – उदित नारायण

ऐ मेरी हमराज़ मुझको थाम ले ज़िन्दगी से भाग कर आया हूँ - सपना मुखर्जी – उदित नारायण


ऐ मेरी हमराज़ मुझको थाम ले

ज़िन्दगी से भाग कर आया हूँ

बारिश हो रही है

यह बारिश न होती

तोह भी न आती


आखिर तुम्हे आना हैं

ज़रा देर लगेगी


आखिर तुम्हे आना हैं

ज़रा देर लगेगी


बारिश का बहाना हैं

ज़रा देर लगेगी


आखिर तुम्हे आना हैं

ज़रा देर लगेगी


जानेमन आ जाओ

तुम्हे अपना समझकर

कोई आवाज दे रहा है


तुमने मुझे अपना

समझा है कब


तुम तोह मुझे

दुश्मन समझते हो


तुम होते जो दुश्मन

तोह कोई बात ही क्या थी

तुम होते जो दुश्मन

तोह कोई बात ही क्या थी


अपनो को

अपनो को मनना हैं

ज़रा देर लगेगी

अपनो को मनना हैं

ज़रा देर लगेगी


मेरी जान मेरे दर्दे

मोहब्बत का कुछ ख्याल करो

सब कुछ भुला दो

यह दर्दे मोहब्बत भी मिटा दो


हम दर्द मोहब्बत का

मिटा सकते हैं लेकिन

हम दर्द मोहब्बत का

मिटा सकते हैं लेकिन


ये रोग पुराना हैं

ज़रा देर लगेगी

ये रोग पुराना हैं

ज़रा देर लगेगी


यह रोमानी अन्दाज छोडो

जो कहना है वह कह डालो


ये बात नहीं वह के

में आते ही सुना दूँ


यह बात नहीं वह के

में आते ही सुना दूँ

सीने से

सीने से लगाना हैं

ज़रा देर लगेगी

सीने से लगाना हैं

ज़रा देर लगेगी


बारिश का बहाना हैं

ज़रा देर लगेगी


आखिर तुम्हे आना हैं

ज़रा देर लगेगी

आखिर तुम्हे आना हैं

ज़रा देर लगेगी


हो ज़रा देर लगेगी

हो ज़रा देर लगेगी


ज़रा देर लगेगी

ज़रा देर लगेगी


हो ज़रा देर लगेगी

हो ज़रा देर लगेगी.

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चित्रपट : यलगार
साल : १९९२
संगीत : चन्नी सिंह
गीत के बोल : सुदर्शन फाकिरी
गायक / गायिका : सपना मुखर्जी – उदित नारायण

दिल में जो बातें हैं, आज चलो हम कह दें - किशोर कुमार - आशा भोसले

दिल में जो बातें हैं, आज चलो हम कह दें - किशोर कुमार - आशा भोसले


दिल में जो बातें हैं, आज चलो हम कह दें

कल का भरोसा क्या, आओ इसी दम कह दें

हाँ, थोड़ी हमें मोहलत दो, ऐसे कैसे हम कह दें

पूरी ही समझ लेना, चाहे ज़रा कम कह दें


आँखों ने चाहा, दिल ने सराहा

पर मैं ज़ुबाँ से नहीं कह पाई

दिल की कहानी दिल में रही तो

मिट ना सकेगी कभी तन्हाई

हो, ख़्वाबों में तुमको हर बात कह दी

ऐसे बताते हुए शरमाई

दिल में जो बातें हैं...


जी ना जलाओ, नज़दीक आओ

हम चाहते हैं तुम्हें अपनाना

बढ़ने लगी है, सीने की धड़कन

आगे न आना, वहीं रूक जाना

हो, ना तुम परायी, ना हम पराये

अपनों से कैसा भला, शर्माना

मिलते ही मुझको अपने लगे तुम

कब मैंने जाना तुम्हें बेगाना

दिल में जो बातें हैं...

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चित्रपट : जोशीला
साल : १९७३
संगीत : राहुल देव बर्मन
गीतकार : साहिर लुधियानवी
गायक / गायिका : किशोर कुमार - आशा भोसले

हवा के साथ साथ, घटा के संग संग - आशा भोंसले - किशोर कुमार

हवा के साथ साथ, घटा के संग संग - आशा भोंसले - किशोर कुमार


हवा के साथ साथ, घटा के संग संग

ओ साथी चल

मुझे ले के साथ चल तू, यू ही दिन रात चल तू

संभल मेरे साथ चल तू, ले हाथों में हाथ चल तू

ओ साथी चल...


एक तो ये मौसम है बड़ा सुहाना

उसपे अपना दिल भी है दीवाना

परबत से आके ना टकरा जाना

तू बन के बादल

ओ साथी चल...


हँसती है ये दुनियाँ तो हँसने दे

नागन बनके इस रुत को डसने दे

मुझको अपनी आखों में बसने दे

तू बन के काजल

ओ साथी चल...


अपनी रेशमी जुल्फें लहराने दे

मुझको अपनी बाहों में आने दे

थक गयी आज बहुत मैं अब जाने दे ना

मिलेंगे फिर कल

ओ साथी चल

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चित्रपट : सीता और गीता
साल : १९७२
संगीत : आर. डी. बर्मन
गीतकार : आनंद बक्षी
गायक / गायिका : आशा भोंसले - किशोर कुमार

लेने से इंकार नहीं और देने को तैयार नहीं - मुहम्मद रफ़ी

लेने से इंकार नहीं और देने को तैयार नहीं -  मुहम्मद रफ़ी


लेने से इंकार नहीं और

देने को तैयार नहीं

लेने से इंकार नहीं और

देने को तैयार नहीं

इस दुनिया में कौन है ऐसा

जो पैसे का यार नहीं

जो पैसे का यार नहीं

लेने से इंकार नहीं और

देने को तैयार नहीं

इस दुनिया में कौन है ऐसा

जो पैसे का यार नहीं

जो पैसे का यार नहीं


है पैसा आगे आगे और

दुनिया पीछे भागे

और पैसा बड़ा छलावा

है सारे जग का बवा

एक जगह पर रुकने को जी

रुकने को तैयार नहीं

रुकने को तैयार नहीं

इस दुनिया में कौन है ऐसा

जो पैसे का यार नहीं

जो पैसे का यार नहीं


दौलत है बीमारी पर

लगे सबको प्यारी

दौलत है बीमारी पर

लगे सबको प्यारी

इसकी खातिर किसी से पगड़ी

किसी ने बीवी भी हरी

बीवी भी हार गया बेचारा

किसी ने बीवी भी हरी

लेकिन जीत सदा पैसे की

कभी भी इसकी हार नहीं

कभी भी इसकी हार नहीं

इस दुनिया में कौन है ऐसा

जो पैसे का यार नहीं

जो पैसे का यार नहीं


ये मील चलने वाला

यही चोर बनने वाला

मन यही है शं यही है

करे यही मुँह काला

मुह भी तो काला होता है

करे यही मुँह काला

कलयुग में तो इससे बढ़कर

कोई बड़ा अवतार नहीं

कोई बड़ा अवतार नहीं

इस दुनिया में कौन है ऐसा

जो पैसे का यार नहीं

जो पैसे का यार नहीं.

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चित्रपट : अमर दीप
साल : १९५८
संगीत : रामचंद्र नरहर चितलकर (स. रामचंद्र)
गीतकार : राजेंद्र कृष्ण
गायक / गायिका : मुहम्मद रफ़ी

ऐ हवा मेरे संग संग चल - लता मंगेशकर

ऐ हवा मेरे संग संग चल -  लता मंगेशकर


ऐ हवा मेरे संग संग चल

मेरे दिल में हुई हलचल

ऐ हवा मेरे संग संग चल

मेरे दिल में हुई हलचल

बहे दरिया का पानी कल कल

तुझे आस मिलन की पल पल

ऐ हवा मेरे संग संग चल

मेरे दिल में हुई हलचल

बहे दरिया का पानी कल कल

तुझे आस मिलन की पल पल

ऐ हवा मेरे संग संग चल

मेरे दिल में हुई हलचल

ऐ हवा मेरे संग संग चल

मेरे दिल में हुई हलचल


रुक ना सकूं मैं दौड़ी आऊं

फिर कुछ सोच के मैं घबराऊं


Music


रुक ना सकूं मैं दौड़ी आऊं

फिर कुछ सोच के मैं घबराऊं

ऐ हवा मेरे संग संग चल

मेरे दिल में हुई हलचल

ऐ हवा मेरे संग संग चल

मेरे दिल में हुई हलचल


तूने ये कैसा जादू किया है

बिन डोर के मुझे बाँध दिया है


Music


तूने ये कैसा जादू किया है

बिन डोर के मुझे बाँध दिया है

ऐ हवा मेरे संग संग चल

मेरे दिल में हुई हलचल

ऐ हवा मेरे संग संग चल

मेरे दिल में हुई हलचल


कठपुतली सी नाच रही हूँ

कैसे कहूँ तुझे ढूँढ रही हूँ


Music


कठपुतली सी नाच रही हूँ

कैसे कहूँ तुझे ढूँढ रही हूँ

ऐ हवा मेरे संग संग चल

मेरे दिल में हुई हलचल

बहे दरिया का पानी कल कल

तुझे आस मिलन की पल पल

ऐ हवा मेरे संग संग चल

मेरे दिल में हुई हलचल

ऐ हवा मेरे संग संग चल


मेरे दिल में हुई हलचल

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चित्रपट : बाबू
साल : १९८५
संगीत : राजेश रोशन
गीतकार : मजरूह सुलतानपुरी
गायक / गायिका : लता मंगेशकर

इना मिना डिका डाय डामे निका - किशोर कुमार

इना मिना डिका डाय डामे निका - किशोर कुमार


इना मिना डिका डाय डामे निका

माका नाका नाका

चिका पिका रिका रोला रिका

रमपम पोश


दिल बेचूं है कोई लेने वाला

ऐसे वैसे को नहीं देने वाला

सुरतिया हसीं हो, उमरिया जवां हो

कोई भी उसे देखे तो बस ये गुमां हो

यही है, यही है, यही तो है वो

इना मिना...


मत सोचो के सस्ता है सौदा

फल पाए लगाएगा जो पौधा

दिल की ये क्यारी बनेगी फुलवारी

ये दुनिया जलेगी, जलन की है मारी

हँसेगी, हँसेगी, हँसेगी मेरी प्यारी

इना मिना...


ये शर्तें तो बड़ी हैं जरुरी, जो कोई करेगा इन्हें पूरी

मैं खुशी-खुशी उसे ये दिल दे दूंगा

कसम खा रहा हूँ कि दाम भी ना लूँगा

मगर ये कहूँगा, मगर ये कहूँगा, क्या?

यही है, यही है, यही तो है वो

इना मिना...

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चित्रपट : आशा
साल : १९५७
संगीत : सी. रामचंद्र
गीतकार : राजेंद्र कृष्ण
गायक / गायिका : किशोर कुमार


ए फंसा, उसका छूटा घरबार संसार - लता मंगेशकर

 ए फंसा, उसका छूटा घरबार संसार - लता मंगेशकर



ए फंसा, उसका छूटा घरबार संसार

जो करके प्यार यार किसी के दिल में बसा, बसा, बसा ए फंसा


ये एक साल बचपन और जवानी के बीच का बड़ा बुरा होता है

ये एक साल नौजवानों का, नादानों का, दीवानों का

ये एक साल बचपन और जवानी के बीच का बड़ा बुरा होता है

आशिक़ का हो गया नाम बदनाम

हुआ अंजाम सुबह-ओ-शाम ज़माना हँसा, हँसा, हँसा

ए फंसा...


बचा के आँख पंछी पिंजरा लेके उड़ जाए तो शायद जान बच जाए

बचा के आँख किसी झरोखे से, किसी मौके से, कभी धोखे से

बचा के आँख पंछी पिंजरा लेके उड़ जाए तो शायद जान बच जाए

जीना हुआ दुश्वार दिलदार के लगा आर पार

तीर किसी ने कसा, कसा, कसा

ए फंसा...


ये प्रेमरोग बड़े बड़े जोगी सपेरों से बस में नहीं होता है

ये प्रेमरोग प्यार करते है, लोग मरते है, कहाँ डरते है

ये प्रेमरोग बड़े बड़े सपेरों से बस में नहीं होता है

उसने लिया बैराग जबसे भाग के लगी आग

नागिनों ने जिसे डसा, डसा, डसा

ए फंसा, उसका...

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चित्रपट : बॉबी
साल : १९७३
संगीत : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
गीतकार : आनंद बक्षी
गायक / गायिका : लता मंगेशकर

मैं ने तेरे लिये ही सात रंग के सपने चुने - मुकेश

मैं ने तेरे लिये ही सात रंग के सपने चुने -  मुकेश


मैं ने तेरे लिये ही सात रंग के सपने चुने

सपने सुरीले सपने

कुछ हँस के, कुछ ग़म के

तेरी आँखों के साए चुराए

रसीली यादों ने

मैं ने तेरे लिये ...


छोटी बातें

छोटी छोटी बातों की है यादें बड़ी

भूले नहीं बीती हुई एक छोटी घड़ी

जनम जनम से आँखें बिछाईं

तेरे लिये इन राहों में

मैं ने तेरे लिये ...


भोले भाले

भोले भाले दिल को बहलाते रहे

तन्हाई में तेरे ख़यालों को सजाते रहे

कभी कभी तो आवाज़ देकर

मुझको जगाया ख़्वाबों ने

मैं ने तेरे लिये ...


रूठी रातें

रूठी हुई रातों को जगाया कभी

तेरे लिये बीती सुबह को बुलाया कभी

तेरे बिना भी तेरे लिये ही

दिये जलाये रातों में

मैं ने तेरे लिये ...

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चित्रपट : आनंद
साल : १९७१
संगीत : सलील चौधरी
गीतकार : गुलज़ार
गायक / गायिका : मुकेश

मन्ज़िलों पे आके लुटते हैं दिलों के कारवाँ - किशोर कुमार

 मन्ज़िलों पे आके लुटते हैं दिलों के कारवाँ - किशोर कुमार


 मन्ज़िलों पे आके लुटते हैं दिलों के कारवाँ

कश्तियां साहिल पे अक्सर, डूबती हैं प्यार की


मन्ज़िलें अपनी जगह हैं रास्ते अपनी जगह - २

जब कदम ही साथ ना दें, तो मुसाफ़िर क्या करे

यूँ तो है हमदर्द भी और हमसफ़र भी है मेरा - २

बढ़के कोई हाथ ना दे, दिल भला फिर क्या करे

मन्ज़िलें अपनी जगह हैं रास्ते अपनी जगह 


डूबने वाले को तिनके का सहारा ही बहुत

दिल बहल जाए फ़कत, इतना इशारा ही बहुत

इतने पर भी आसमाँ वाला गिरा दे बिजलियाँ

कोई बतलादे ज़रा ये डूबता फिर क्या करे

मन्ज़िलें अपनी जगह हैं रास्ते अपनी जगह 


प्यार करना जुर्म है तो, जुर्म हमसे हो गया

काबिल-ए-माफ़ी हुआ करते नहीं ऐसे गुनाह

संगदिल है ये जहाँ और संगदिल मेरा सनम

क्या करें जोश-ए-ज़ुनूं और हौंसला फिर क्या करे

मन्ज़िलें अपनी जगह हैं रास्ते अपनी जगह

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चित्रपट : शराबी
साल : १९८४
संगीत : बप्पी लाहिरी
गीतकार : प्रकाश मेहरा
गायक / गायिका : किशोर कुमार

चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी - लता मंगेशकर - मोहम्मद रफ़ी

चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी - लता मंगेशकर - मोहम्मद रफ़ी


चढ़ती जवानी मेरी चाल मस्तानी

तुने कदर न जानी रामा

हाय रामा, हाय रामा, हाय रामा


उलझे काहे रे, मैं हूँ सूरत में, तुझसे बढ़ के कहीं

ठहरी तू है जवां तो, मैं भी सजीला कुछ कम नहीं

हाय, दुनिया हुई रे मेरे प्यार में दीवानी

लाखों की मैं दिलजानी राम

चढ़ती जवानी मेरी चाल...


वो कौन ऐसी है, जिसका है रूप, ऐसा जादू भरा

छाए मैं भी तो देखूं, तू जिसकी धुन में है बावरा

होए, उसके कदम चूमे तेरी जवानी

वो है सहर की रानी रामा

चढ़ती जवानी मेरी चाल...


अब तो तोहे बताना होगा रे, कैसी छब है मेरी

ओहो मैंने कहाँ कब, दिखने में तू है, ऐसी बुरी

हाय देखे जो मोहे तेरे प्यार की वो रानी

हो जाए सरम से पानी रामा

होए चढ़ती जवानी मेरी चाल...

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चित्रपट : कारवाँ
साल : १९७१
संगीत : आर. डी. बर्मन
गीतकार : मजरूह सुल्तानपुरी
गायक / गायिका : लता मंगेशकर - मोहम्मद रफ़ी

अच्छा तो ये बात है तुम भी सुन लो - मोहम्मद रफ़ी - लता मंगेशकर

अच्छा तो ये बात है तुम भी सुन लो - मोहम्मद रफ़ी - लता मंगेशकर


अच्छा तो ये बात है

तुम भी सुन लो

जो जो सवाल मैं पूछूँ उनका सच-सच जवाब देना

डन? डन!


अच्छा, तो बाग़ों में बहार है?

क्या?

मैंने पूछा, बाग़ों में बहार है? हाँ है

कलियों पे निखार है? हाँ है

तो, तो तुमको मुझसे प्यार है

ना ना ना…


छोड़ो हटो, जाओ पकड़ो न बैंय्या

आऊँ न मैं तेरे बातों में सैंय्या

तुमने कहा है देखो, देखो मुझे सैंय्या

बोलो तुमको इक़रार है? है!

फिर भी इनकार है? हाँ है

तुमको मुझसे प्यार है

ना ना ना…

बाग़ों में बहार है…


तुमने कहा था मैं सौ दुःख सहूँगी

चुपके पिया तेरे मन में रहूँगी

वो सब कहूँगी लेकिन वो न कहूँगी

तुमको जिसका इन्तज़ार है? है

फिर भी तक़रार है? है

तुमको मुझसे प्यार है

ना ना ना…

बाग़ों में बहार है


अच्छा चलो, छेड़ो आगे कहानी

होती है क्या बोलो प्यार की निशानी

बेचैन रहती है प्रेम दीवानी

बोलो क्या दिल बेक़रार है? है

मुझपे ऐतबार है? है

जीना दुशवार है? है, है

आज सोमवार है?

अरे बाबा, है!

तुमको मुझसे प्यार है

है.. ना ना ना…

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चित्रपट : आराधना
साल : १९६९
संगीत : एस. डी. बर्मन
गीतकार : आनंद बक्शी
गायक / गायिका :  मोहम्मद रफ़ी - लता मंगेशकर

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा - बप्पी लाहिड़ी - अनुराधा पौडवाल

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा - बप्पी लाहिड़ी - अनुराधा पौडवाल


तम्मा तम्मा लोंगे

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा

तम्मा तम्मा लोंगे

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा

तम्मा तम्मा लोंगे

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा

तम्मा तम्मा लोंगे

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा

तम्मा तम्मा लोंगे

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा


तू प्रेमी आहा तू राजी आहा

मैं राजी फिर क्या डैडी क्या अम्मा

एक बस तू ही प्यार के काबिल

सारा जहां है निकम्मा


तू प्रेमी आहा, मैं प्रेमी आहा

तू राजी आहा, मैं राजी आहा

फिर क्या डैडी क्या अम्मा

एक बस तू ही प्यार के काबिल

सारा जहां है निकम्मा

तम्मा तम्मा लोंगे

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा

तम्मा तम्मा लोंगे

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा


तुझे ज़रुरत मेरे जैसे यार की

मुझे ज़रुरत तेरे जैसे यार की

जले जो उसको और जलाओ

नाचो छमा छम छाम्मा

तम्मा तम्मा लोंगे

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा

तम्मा तम्मा लोंगे

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा



तू प्रेमी आहा, मैं प्रेमी आहा

तू राजी आहा, मैं राजी आहा

फिर क्या डैडी क्या अम्मा

एक बस तू ही प्यार के काबिल

सारा जहां है निकम्मा

तम्मा तम्मा लोंगे

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा

तम्मा तम्मा लोंगे

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा


दोनों मिलकर जो होता है हो गया

मैं भी तुझमें और तू मुझमे खो गया

दोनों मिलकर जो होता है हो गया

तू भी मुझमे और मैं तुझमें खो गया

देखके तुझको ऐसे पिघलू जैसे पिघलते है शम्मा

तम्मा तम्मा लोंगे

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा

तम्मा तम्मा लोंगे

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा


तू प्रेमी आहा, मैं प्रेमी आहा

तू राजी आहा, मैं राजी आहा

फिर क्या डैडी क्या अम्मा

एक बस तू ही प्यार के काबिल

सारा जहां है निकम्मा

तम्मा तम्मा लोंगे

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा

तम्मा तम्मा लोंगे

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा

तम्मा तम्मा लोंगे

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा

तम्मा तम्मा लोंगे

तम्मा तम्मा लोंगे तम्मा.

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चित्रपट : थानेदार
साल : १९८९
संगीत : बप्पी लाहिड़ी
गीतकार : इन्दीवर
गायक / गायिका : बप्पी लाहिड़ी - अनुराधा पौडवाल

हे गोरिया जल्दी आ रे - मोहम्मद रफ़ी - आशा भोंसले

 हे गोरिया जल्दी आ रे - मोहम्मद रफ़ी - आशा भोंसले


हे गोरिया जल्दी आ रे

अरे हो, गोरिया कहाँ तेरा देस रे, गोरिया कहाँ तेरा देस

अरे हो, तोहे देखूँ तो लागे ठेस रे, गोरिया कहाँ तेरा देस


लाल लाल लाल चुनर ओढ़े, बन में फिरे बहार

हाय गाल गाल सुलगे रे तेरा, जिया जले हमार

छैयां पड़े जहाँ तोरी रे

डगरी वहीं साजन मोरी रे

अरे हो बदला कैसे तूने भेस रे, गोरिया कहाँ तेरा देस


घूम घूम के गली गली, जाना पिया के द्वार

मोड़ मोड़ पे गोरी तेरी, पायल करे पुकार

राह में पायल मोरी बाजेगी

धरती गगन तले नाचेगी

अरे हो मुख पे उड़े काले केस रे, गोरिया कहाँ तेरा देस


नैन नैन में काजल डाले, ढूंढूं पिया का हाथ

देख देख रे उड़ता बादल, ना दिन रुके ना रात

उजियारा है कहीं अंधेरा

साँझ है कहीं, कहीं सवेरा

अरे हो बंजारों का नहीं देस रे, गोरिया कहाँ तेरा देस

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चित्रपट : कारवाँ
साल : १९७१
संगीत : आर. डी. बर्मन
गीतकार : मजरूह सुल्तानपुरी
गायक / गायिका : मोहम्मद रफ़ी - आशा भोंसले

कहो कहा चले जहाँ तुम ले चलो - आशा भोसले - किशोर कुमार

कहो कहा चले जहाँ तुम ले चलो - आशा भोसले - किशोर कुमार


कहो कहा चले

जहाँ तुम ले चलो

कहो कहा चले

जहाँ तुम ले चलो

फिर भी मंजिल कहा

जहा हमसे मिलो

फिर भी मंजिल कहा

जहा हमसे मिलो

कहो कहा चले

जहाँ तुम ले चलो


प्यार का सफर तो

दीवाना खबर नहीं

कहा लिए जाये मस्ताना

कहा लिए जाये मस्ताना

खबर नहीं कहा

लिए जाये मस्ताना

कहा लिए जाये मस्ताना

प्यार का सफर तो

दीवाना खबर नहीं

खबर नहीं कहा

लिए जाये मस्ताना

कहा लिए जाये मस्ताना


मोड़ आये जहाँ

वह मिलके चलो

फिर भी मंजिल कहा

जहा हमसे मिलो

कहो कहा चले

जहाँ तुम ले चलो


काश घटा ज़रा

बरसे हु हु हु

लिपटे रहे सज्जन

से जी भरके

साजन से जी भरके

काश घटा ज़रा

बरसे हु हु हु

लिपटे रहे सज्जन

से जी भरके

साजन से जी भरके

रंग उठे समां

आज ऐसे मिलो

मोड़ आये जहाँ

वह मिलके चलो

फिर भी मंजिल कहा

जहा हमसे मिलो

कहो कहा चले

जहाँ तुम ले चलो


बरखा की देखो

रंग रलिया ला ला ला

बुँदे नहीं तुमपे

लुटा रही कालिया

तुमपे लुटा रही कालिया

दिल तो कहे जाने जा

रुक जा यही आगे

कही नहीं जाना

आगे कहीं नहीं जाना

यही दिल में बसा

यही दिल में खिला

फिर भी मंजिल

कहा जहा हमसे मिलो

कहो कहा चले

जहाँ तुम ले चलो

फिर भी मंजिल कहा

जहा हमसे मिलो

कहो कहा चले

जहाँ तुम ले चलो

कहो कहा चले

जहाँ तुम ले चलो

कहो कहा चले

जहाँ तुम ले चलो.

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चित्रपट : बुलंदी
साल : १९८१
संगीत : राहुल देव बर्मन
गीतकार : मजरूह सुल्तानपुरी
गायक / गायिका : आशा भोसले - किशोर कुमार

कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता - भूपिंदर सिंह - आशा भोंसले

कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता - भूपिंदर सिंह - आशा भोंसले


कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता

कहीं ज़मीं तो कहीं आसमाँ नहीं मिलता

कभी किसी को मुकम्मल...


जिसे भी देखिए वो अपने आप में गुम है

ज़ुबाँ मिली है मगर हमज़ुबाँ नहीं मिलता

कभी किसी को मुकम्मल...


बुझा सका है भला कौन वक़्त के शोले

ये ऐसी आग है जिसमें धुआँ नहीं मिलता

कभी किसी को मुकम्मल...


तेरे जहान में ऐसा नहीं के प्यार ना हो

जहाँ उम्मीद हो इसकी वहाँ नहीं मिलता

कभी किसी को मुकम्मल...

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चित्रपट : आहिस्ता आहिस्ता
साल : १९८१
संगीत : खय्याम
गीतकार : निदा फाज़ली
गायक / गायिका : भूपिंदर सिंह - आशा भोंसले


ये रात भीगी-भीगी, ये मस्त फिज़ायें - लता मंगेशकर - मन्ना डे

ये रात भीगी-भीगी, ये मस्त फिज़ायें -  लता मंगेशकर - मन्ना डे


ये रात भीगी-भीगी, ये मस्त फिज़ायें

उठा धीरे-धीरे, वो चाँद प्यारा प्यारा

क्यों आग सी लगा के, गुमसुम हैं चांदनी

सोने भी नहीं देता, मौसम का ये इशारा

ये रात भीगी-भीगी...


इठलाती हवा, नीलम सा गगन

कलियों पे ये बेहोशी की नमी

ऐसे में भी क्यों बेचैन है दिल

जीवन में ना जाने क्या है कमी

ये रात भीगी-भीगी...


जो दिन के उजाले में ना मिला

दिल ढूँढें ऐसे सपने को

इस रात की जगमग में डूबी

मैं ढूँढ रही हूँ अपने को

ये रात भीगी-भीगी...


ऐसे में कहीं क्या कोई नहीं

भूले से जो हमको याद करे

एक हलकी सी मुसकान से जो

सपनों का जहां आबाद करे

ये रात भीगी-भीगी...

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चित्रपट : चोरी चोरी
साल : १९५६
संगीत : शंकर - जयकिशन
गीतकार : हसरत जयपुरी
गायक / गायिका : लता मंगेशकर - मन्ना डे


जियो तो ऐसे जियो जैसे सब तुम्हारा है - मोहम्मद रफ़ी

 जियो तो ऐसे जियो जैसे सब तुम्हारा है - मोहम्मद रफ़ी


जियो तो ऐसे जियो जैसे सब तुम्हारा है 

मरो तो ऐसे कि जैसे तुम्हारा कुछ नहीं |


ये  एक  राज़  के दुनिया न जिसको जान  सकी

यही वो राज़ है जो ज़िंदगी का  हासिल  है,

तुम्हीं  कहो  तुम्हे ये बात कैसे  समझाऊँ

कि ज़िंदगी  की  घुटन ज़िंदगी की कातिल  है,

हर  इक  निगाह  को  कुदरत का  ये इशारा है

जियो तो ऐसे जियो जैसे सब तुम्हारा है । 


जहां में आ के जहां से खिचें-खिचें न रहो

वो  ज़िंदगी  ही  नही  जिसमें  आस  बुझ  जाए,

कोई भी प्यास दबाये से दब नहीं सकती

इसी  से  चैन  मिलेगा  कि प्यास  बुझ  जाए,

ये  कह के मुड़ता  हुआ  ज़िंदगी  का  धारा  है

जियो तो  ऐसे जियो जैसे सब तुम्हारा है ।


ये  आसमां, ये जमीं, ये फिजा, ये नज़्ज़ारे

तरस  रहे  हैं  तुम्हारी मेरी नज़र  के लिए

नज़र चुरा  के हर एक शै को  यूं  न ठुकराओ

कोई  शरीक-ए-सफ़र  ढूँढ़ लो सफ़र के लिए

बहुत  करीब  से  मैंने  तुम्हें  पुकारा  है

जियो तो ऐसे जियो जैसे सब तुम्हारा है  ।

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चित्रपट : बहु बेट्टी
साल : १९६५
संगीत : रवि
गीतकार : साहिर लुधियान
गायक / गायिका : मोहम्मद रफ़ी


Wednesday, 2 April 2025

एक तारा बोले तुन तुन - महेंद्र कपूर

 एक तारा बोले तुन तुन - महेंद्र कपूर


एक तारा बोले तुन तुन

क्या कहे ये तुमसे सुन सुन

एक तारा बोले तुन तुन

क्या कहे ये तुमसे सुन सुन

बात है लम्बी मतलब गोल

खोल न दे ये सबकी पोल

तो फिर उसके बाद

एक तारा बोले

तुन तुन सुन सुन सुन

एक तारा बोले तुन तुन

क्या कहे ये तुमसे सुन सुन

एक तारा बोले


एक तारा बोले तुन तुन

क्या कहे ये तुमसे सुन सुन

एक तारा बोले तुन तुन

क्या कहे ये तुमसे सुन सुन

बात है लम्बी मतलब गोल

खोल न दे ये सबकी पोल

तो फिर उसके बाद

एक तारा बोले

तुन तुन सुन सुन सुन

एक तारा बोले तुन तुन

क्या कहे ये तुमसे सुन सुन

एक तारा बोले

तुन तुन तुन तुन तुन


कुछ ऐसे लोग भी होते हैं

कुछ ऐसे लोग भी होते हैं

अपनी गलती पे रोते हैं

अपना तो पेट नहीं भरता

पर दस दस बच्चे होते हैं

पर दस दस बच्चे होते हैं

हर साल केलिन्डर छाप दिया

परिवार नियोजन साफ़ किया

तो फिर उसके बाद

एक तारा बोले

तुन तुन सुन सुन सुन

एक तारा बोले तुन तुन

क्या कहे ये तुमसे सुन सुन

एक तारा बोले


तुन तुन तुन तुन तुन


पहले तो था चोला बुर्का

पहले तो था चोला बुर्का

फिर काट काट के वो हुआ कुरता

छोले की अब चोली है बानी

चोली से आगे क्या होगा

चोली से आगे क्या होगा

ये फैशन बढ़ता बढ़ता गया

और कपडा तन से घटता गया

तो फिर उसके बाद

एक तारा बोले

तुन तुन तुन तुन तुन

एक तारा बोले तुन तुन

कहे ये तुमसे सुन सुन

एक तारा बोले


तुन तुन तुन तुन तुन


अरे हेक्स तेरी ऐसी तैसी

अरे हेक्स तेरी ऐसी तैसी

सूरत है लड़की जैसी

तंग पैंट पतली टांगें

लगती हैं सिगरेट जैसी

लगती हैं सिगरेट जैसी

देश का यही जवान है तो

देश की ये संतान है तो

तो फिर उसके बाद

एक तारा बोले

तुन तुन तुन तुन तुन

एक तारा बोले तुन तुन

कहे ये तुमसे सुन सुन

एक तारा बोले


तुन तुन तुन तुन तुन


अरे राकेट कोई चाढ़ाते है


अरे राकेट कोई चाढ़ाते है

कोई एटम बम बनाता है

अमन के नाम पे देखो वो

दुनिया पे रोब जमाते है

दुनिया पे रोब जमाते है

बारूद अगर ये चल जाए

सारी दुनिया जल जाए

तो फिर उसके बाद

एक तारा बोले

तुन तुन तुन तुन तुन

एक तारा बोले तुन तुन

कहे ये तुमसे सुन सुन


एक तारा बोले

तुन तुन तुन तुन तुन


मंदिर से लोग घबराते हैं

मंदिर से लोग घबराते हैं

और रोज़ क्लब में जाते हैं

लोग भक्ति भजन सब भूल गए

और फ़िल्मी गाने गाते हैं

और फ़िल्मी गाने गाते हैं

जब धर्म नहीं और शर्म नहीं

कोई भी अच्छा कर्म नहीं

तो फिर उसके बाद

एक तारा बोले

तुन तुन तुन तुन तुन

एक तारा बोले तुन तुन

कहे ये तुमसे सुन सुन


एक तारा बोले

तुन तुन तुन तुन तुन


दो किस्म के नेता होते हैं

इक देता है इक पाता है

हो हो एक देश को लूट के खाता है

इक देश पे जान लुटाता है

हो हो एक ज़िंदा रह कर मरता है

इक मर कर जीवन पाता है

इक मारा तो नामो निशान ही नहीं

इक यादगार बन जाता है

इक यादगार बन जाता है

भगवान् करे मेरे देश के

सब नेता ही बन जाएँ ऐसे

थोड़े से लाल बहादुर हों

थोड़े से हो नेहरू जैसे


थोड़े से हो नेहरू जैसे


राम न करे मेरे देश को

राम न करे मेरे देश को

कभी भी ऐसा नेता मिले

जो आप भी डूबे देश भी डूबे

जनता को भी ले डूबे

अरे जनता को भी ले डूबे

वोट लिया और खिसक गया

जब कुर्सी से चिपक गया

तो फिर उसके बाद उसके बाद

एक तारा बोले तुन तुन तुन तुन

क्या कहे ये तुमसे सुन सुन

एक तारा बोले तुन तुन तुन तुन

तुन तुन तुन तुन तुन

तुन तुन तुन तुन तुन


तुन तुन तुन तुन तुन

तुन तुन तुन तुन तुन.

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चित्रपट : यादगार
साल : १९७०
संगीत : आनंदजी वीरजी शाह
गीतकार : वर्मा मलिक
गायक / गायिका : महेंद्र कपूर

जंगल में है बोले कोयल कु कु कू कु - आशा भोंसले - ऋचा शर्मा - आदित्य नारायण

 जंगल में है बोले कोयल कु कु कू कु - आशा भोंसले - ऋचा शर्मा - आदित्य नारायण


कु कु कू कु

जंगल में है बोले कोयल कु कु कू कु

कु कू कु कु कू

जंगल में है बोले कोयल कु कु कू कु

कु कू कु कु कू


कहीं आग लगे लग जावे

कोई नाग डंसे डंस जावे

कभी गगन गिरे गिर जावे

चाहें कुछ भी हो जाये

इस टूटे दिल की पीड़ सही ना जाये



कहीं आग लगे लग जावे

कोई नाग डंसे डंस जावे

कभी गगन गिरे गिर जावे

चाहें कुछ भी हो जाये

इस टूटे दिल की पीड़ सही ना जाये


आओ सैयाँ.. आओ सैयाँ..

आओ सैयाँ.. आओ सैयाँ..


जाये जाँ, ना जाये जिया

जाये जिया ना जाये जिया

हर वक्त गुजर जाता है

पर दर्द ठहर जाता है

सब भूल भी जाये कोई

कुछ याद मगर आता है



जिस पेड़ को बेल ये लिपटे

वो सूखे टूटे सिमटे

फूलों के बाग का वादा

पर काँटे पले ज्यादा

ना दवा लगे ना दुआ लगे

ये प्रेम रोग है हु हु हू

आओ सैयाँ..


प्यार बड़ा हरजाई है

पर प्यार बिना तनहाई है

दिल मत देना कहते हैं

सब दिल देते रहते हैं

जब नींद चुरा लेते हैं

रतजगे मजा देते हैं


खुशियाँ इसी के गम से

रौनक इसी के दम से

कोई वचन नहीं चलता है

कोई जतन नहीं चलता है

ना हो ये रोग तो सारे लोग

ले लेवें जोग हो हु हु हू


आओ सैयाँ.. आओ सैयाँ..

सैयाँ.. आओ सैयाँ..

आओ सैयाँ.. आओ सैयाँ..


कहीं आग लगे (आओ सैयाँ)

कोई नाग डंसे (आओ सैयाँ)

कभी गगन गिरे (आओ सैयाँ)

चाहें कुछ भी हो जाये

इस सूनें दिल कि पीड़ सही ना जाये..

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चित्रपट : ताल
साल : १९९९
संगीत : ए. आर. रहमान
गीतकार : आनंद बक्षी
गायक / गायिका : आशा भोंसले - ऋचा शर्मा - आदित्य नारायण

तुझसे क्या चोरी है तेरी आँखों की मस्ती मेरी कमजोरी है - कुमार सानू

 तुझसे क्या चोरी है तेरी आँखों की मस्ती मेरी कमजोरी है  - कुमार सानू


तुझसे क्या चोरी है

तुझसे क्या चोरी है

तुझसे क्या चोरी है

तुझसे क्या चोरी है

तुझसे क्या चोरी है

तेरी आँखों की मस्ती

मेरी कमजोरी है

तेरी आँखों की मस्ती

मेरी कमजोरी है


तुझसे क्या चोरी है

तुझसे क्या चोरी है

तुझसे क्या चोरी है

तुझसे क्या चोरी है

तेरे हाथों में मेरे

सपनो की डोरी है

तेरे हाथों में मेरे

सपनो की डोरी है


मिल जायेगा मेरी जान मुझको

एक ऐसी शक्ति

तू जैसे ताकता है मुझको

वैसे मैं तुझको तकती

प्यारी ये बात है लेकिन

फिर भी घबराये मेरा दिल

मुमकिन है देख के मुझको

पत्थर हो जाये तेरा दिल

मुमकिन है देख के मुझको

पत्थर हो जाये तेरा दिल


बेगानी दुनिया से तू

भोली सी चोरी है

बेगानी दुनिया से तू

भोली सी चोरी है

तुझसे क्या चोरी है

तुझसे क्या चोरी है

तेरी आँखों की मस्ती

मेरी कमजोरी है

तेरी आँखों की मस्ती

मेरी कमजोरी है

तेरे हाथों में मेरे

सपनो की डोरी है


अपनी आँखों से तुझको

मैंने जब देखा सजन

मुझ दीन कब देगी

मेरी हाथों की रेखा सजना

तेरी आँखों में सजनी

मई सदियो रहना चहु

लेकिन वो कह नहीं सकता

जो कुछ मैं कहना चहु

लेकिन वो कह नहीं सकता

जो कुछ मै कहना चहु

तारो से प्यारी है तू

चंदा से गोरी है

तारो से प्यारी है तू

चंदा से गोरी है

तुझसे क्या चोरी है

तेरी आँखों की मस्ती

मेरी कमजोरी है

तेरी आँखों की मस्ती

मेरी कमजोरी है

तुझसे क्या चोरी है

तुझसे क्या चोरी है

तुझसे क्या चोरी है

तुझसे क्या चोरी है

तेरे हाथों में मेरे

सपनो की डोरी है

तेरी आँखों की मस्ती

मेरी कमजोरी है

तेरे हाथों में मेरे

सपनो की डोरी है

तेरी आँखों की मस्ती

मेरी कमजोरी है.

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चित्रपट : हम हैं बेमिसाल
साल : १९९४
संगीत : अनु मलिक
गीतकार : क़तील शिफ़ाई
गायक / गायिका : कुमार सानू

सुहाना सफ़र और ये मौसम हंसीं - मुकेश

सुहाना सफ़र और ये मौसम हंसीं  - मुकेश


सुहाना सफ़र और ये मौसम हंसीं (२)

हमें डर है हम खो न जाएं कहीं

सुहाना सफ़र ...


(ये कौन हँसता है फूलों में छूप कर 

बहार बेचैन है किसकी धुन पर ) - (२)

कहीं गुमगुम, कहीं रुमझुम, के जैसे नाचे ज़मीं

सुहाना सफ़र ...


(ये गोरी नदियों का चलना उछलकर 

के जैसे अल्हड़ चले पी से मिलकर ) - (२)

प्यारे प्यारे ये नज़ारे निखरे हैं हर कहीं

सुहाना सफ़र ...


हो हो हो ...

(वो आसमाँ झुक रहा है ज़मीं पर 

ये मिलन हमने देखा यहीं पर ) - (२)

मेरी दुनिया, मेरे सपने, मिलेंगे शायद यहीं

सुहाना सफ़र ...

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चित्रपट : मधुमती
साल : १९५८
संगीत : सलील चौधरी
गीतकार : शैलेन्द्र
गायक / गायिका : मुकेश

ज़िंदा हूँ इस तरह कि ग़म-ए-ज़िन्दगी नहीं - मुकेश

 ज़िंदा हूँ इस तरह कि ग़म-ए-ज़िन्दगी नहीं - मुकेश


ज़िंदा हूँ इस तरह कि ग़म-ए-ज़िन्दगी नहीं

जलता हुआ दीया हूँ मगर रोशनी नहीं

ज़िंदा हूँ इस तरह...


वो मुद्दतें हुईं हैं किसी से जुदा हुए

लेकिन ये दिल की आग अभी तक बुझी नहीं

ज़िंदा हूँ इस तरह...


आने को आ चुका था किनारा भी सामने

ख़ुद उसके पास ही मेरी नैया गई नहीं

ज़िन्दा हूँ इस तरह...


होंठों के पास आए हँसी, क्या मजाल है

दिल का मुआमला है कोई दिल्लगी नहीं

ज़िन्दा हूँ इस तरह...


ये चाँद ये हवा ये फ़ज़ा, सब हैं माज़मा

जब तू नहीं तो इन में कोई दिलकशी नहीं

ज़िन्दा हूँ इस तरह...

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चित्रपट : आग
साल : १९४८
संगीत : राम गांगुली
गीतकार : बहज़ाद लखनवी
गायक / गायिका : मुकेश


दिल लेना खेल है दिलदार का - राहुल देव बर्मन

दिल लेना खेल है दिलदार का  - राहुल देव बर्मन दिल लेना खेल है दिलदार का  भूले से नाम ना लो प्यार का  प्यार भी रूठा यार भी रूठा  देखो मुझको दि...