Thursday, 3 April 2025

छोड़ो सनम काहे का गम - किशोर कुमार - अनेट पिंटो

छोड़ो सनम काहे का गम - किशोर कुमार - अनेट पिंटो


छोड़ो सनम काहे का गम

हँसते रहो खिलते रहो

मिट जाएगा सारा गिला

हमसे गले मिलते रहो

छोड़ो सनम काहे का...


मुस्कुराती हसीन आँखों से

देखो-देखो समां बदलता है कैसे

जान-ए-जहां चेहरे की रंगत

खुल जाती है ऐसे

छोड़ो सनम काहे का...


आओ मिलकर के यूँ बहक जाएँ

के महक जाए आज होठों की कलियाँ

झूमे फ़िज़ा, ये गलियाँ बन जाए

फूलों की गलियाँ

छोड़ो सनम काहे का...

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चित्रपट :  कुदरत
साल : १९८१
संगीत : राहुल देव बर्मन
गीतकार : मजरूह सुल्तानपुरी
गायक गायिका : किशोर कुमार - अनेट पिंटो

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