लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो - लता मंगेशकर
लग जा गले...
हसीं रात...
[Chorus]
लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
लग जा गले...
[Verse 1]
हमको मिली हैं आज ये घड़ियाँ नसीब से
हमको मिली हैं आज ये घड़ियाँ नसीब से
जी-भर के देख लीजिए हमको क़रीब से
[Chorus]
फिर आपके नसीब में ये बात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
लग जा गले...
[Verse 2]
पास आइए कि हम नहीं आएँगे बार-बार
पास आइए कि हम नहीं आएँगे बार-बार
बाँहें गले में डाल के हम रो लें ज़ार-ज़ार
[Chorus]
आँखों से फिर ये प्यार की बरसात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो
शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो
लग जा गले...
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चित्रपट : वो कौन थी
साल : १९६४
संगीत : मदन मोहन
गीतकार : राजा मेहदी अली खान
गायक / गायिका : लता मंगेशकर
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