Wednesday, 2 April 2025

लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो - लता मंगेशकर

 लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो - लता मंगेशकर


लग जा गले...

हसीं रात...


[Chorus]

लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो

शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो

लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो

शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो

लग जा गले...


[Verse 1]

हमको मिली हैं आज ये घड़ियाँ नसीब से

हमको मिली हैं आज ये घड़ियाँ नसीब से

जी-भर के देख लीजिए हमको क़रीब से


[Chorus]

फिर आपके नसीब में ये बात हो न हो

शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो

लग जा गले...


[Verse 2]

पास आइए कि हम नहीं आएँगे बार-बार

पास आइए कि हम नहीं आएँगे बार-बार

बाँहें गले में डाल के हम रो लें ज़ार-ज़ार


[Chorus]

आँखों से फिर ये प्यार की बरसात हो न हो

शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो

लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो

शायद फिर इस जनम में मुलाक़ात हो न हो

लग जा गले...

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चित्रपट : वो कौन थी

साल : १९६४

संगीत : मदन मोहन

गीतकार : राजा मेहदी अली खान

गायक / गायिका : लता मंगेशकर


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