अपलम चपलम चप लायी रे दुनिया को छोड़ - लता मंगेशकर - उषा मंगेशकर
अपलम चपलम
चप लायी रे दुनिया को छोड़
तेरी गली आयी रे, आयी रे, आयी रे
हो दुनिया को छोड़
तेरी गली आयी रे, आयी रे, आयी रे
बड़ा मजबूर किया, हाय तेरे प्यार ने
मार दिया मार दिया, हाय तेरे प्यार ने
अब पछताये दिल, हाय कित जाये दिल
काहे को ये आग लगायी रे, लगायी रे, लगायी रे
अपलम चपलम...
टेढ़ा-मेढ़ा खेल है ये प्यार जो मैं जानती
भूल के भी बात कभी दिल की न मानती
दिल बेईमान हुआ, देखो जी पराया हुआ
रोये-रोये जान गँवायी रे, गँवायी रे, गँवायी रे
अपलम चपलम...
दग़ा देने वाला देखो कैसा दग़ा दे गया
छोड़ गया याद और दिल मेरा ले गया
मैंने ही क़ुसूर किया, ऐसे को जो दिल दिया
सुधबुध सब बिसराई रे
अपलम चपलम...
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चित्रपट : आज़ाद
साल : १९५५
संगीत : सी. रामचंद्र
गीतकार : राजेंद्र कृष्ण
गायक / गायिका : लता मंगेशकर - उषा मंगेशकर
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