लैला मैं लैला, ऐसी हूँ लैला - कंचन - अमित कुमार
लैला मैं लैला, ऐसी हूँ लैला
हर कोई चाहे मुझसे मिलना अकेला
जिसको भी देखूँ, दुनिया भुला दूँ
मजनू बना दूँ, ऐसी मैं लैला
लैला ओ लैला लैला, ऐसी तू लैला
हर कोई चाहे तुझसे मिलना अकेला
ओ मोहब्बत का जिसको तरीक़ा ना आया
उसे ज़िन्दगी का सलीक़ा न आया
राह-ए-वफ़ा में, जाँ पर जो खेला
उसके लिये है ये, हसीनों का मेला
लैला मैं लैला...
मुझे देखकर जो, न देखे किसी को
मेरे वास्ते जो मिटा दे खुदी को
उसी दीवाने की बनूँगी मैं लैला
उसे प्यार दूँगी मैं पहला-पहला
लैला मैं लैला...
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चित्रपट : क़ुर्बानी
साल : १९८०
संगीत : कल्याणजी - आनंदजी
गीत के बोल : इंदीवर
गायक / गायिका : कंचन - अमित कुमार
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