Thursday, 3 April 2025

कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता - भूपिंदर सिंह - आशा भोंसले

कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता - भूपिंदर सिंह - आशा भोंसले


कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता

कहीं ज़मीं तो कहीं आसमाँ नहीं मिलता

कभी किसी को मुकम्मल...


जिसे भी देखिए वो अपने आप में गुम है

ज़ुबाँ मिली है मगर हमज़ुबाँ नहीं मिलता

कभी किसी को मुकम्मल...


बुझा सका है भला कौन वक़्त के शोले

ये ऐसी आग है जिसमें धुआँ नहीं मिलता

कभी किसी को मुकम्मल...


तेरे जहान में ऐसा नहीं के प्यार ना हो

जहाँ उम्मीद हो इसकी वहाँ नहीं मिलता

कभी किसी को मुकम्मल...

-------------

चित्रपट : आहिस्ता आहिस्ता
साल : १९८१
संगीत : खय्याम
गीतकार : निदा फाज़ली
गायक / गायिका : भूपिंदर सिंह - आशा भोंसले


No comments:

Post a Comment

दिल लेना खेल है दिलदार का - राहुल देव बर्मन

दिल लेना खेल है दिलदार का  - राहुल देव बर्मन दिल लेना खेल है दिलदार का  भूले से नाम ना लो प्यार का  प्यार भी रूठा यार भी रूठा  देखो मुझको दि...