Thursday, 3 April 2025

अंग अंग तेरा रंग रचा के, ऐसा करूँ सिंगार - किशोर कुमार - आशा भोंसले

 अंग अंग तेरा रंग रचा के, ऐसा करूँ सिंगार - किशोर कुमार - आशा भोंसले


अंग अंग तेरा रंग रचा के, ऐसा करूँ सिंगार

जब-जब झांझर झनकाऊ मैं, खनके मन के तार

मुझे नौलखा मंगा दे रे, ओ सैंया दीवाने

मुझे नौलखा मंगा दे रे, ओ सैंया दीवाने

माथे पे झूमर, कानों में झुमका

पाँव में पायलिया, हाथों में हो कंगना

मुझे नौलखा मंगा...


तुझे मैं तुझे मैं

तुझे गले से लगा लूँगी, ओ सैयां दीवाने

मुझे अंगिया सिला दे रे, ओ सैयां दीवाने

तुझे मैं तुझे मैं

तुझे सीने से लगा लूँगी, ओ सैंया दीवाने

मुझे नौलखा मंगा...


सलमा सितारों की झिलमिल चुनरिया

आऊँ पहनके तो फिसले नजरिया

मुझको सजा दे बलमा

सजा दे मुझको सजा दे बलमा

कोरी कुँवारी ये कमसिन उमरिया

तेरे लिए नाचे सज के सांवरिया

लाली मंगा दे सजना

सूरज से लाली मंगा दे सजना

तुझे मैं, तुझे मैं

तुझे होठों से लगा लूँगी, ओ सैंया दीवाने

मुझे नौलखा मंगा...


मैं तो सारी उमरिया लुटाये बैठी

बलमा दो अँखियों की शरारत में

मैं तो जन्मों का सपना सजाये बैठी

सजना खो के तेरी मोहब्बत में


माना रे माना ये अब मैंने माना

होता है क्या सैयां दिल का लगाना

रोके ये दुनिया, या रूठे ज़माना

जाना है मुझको सजन घर जाना

हो, जैसे गजरा हँसे जैसे गजरा हँसे

जैसे गजरा हँसे जैसे गजरा हँसे

वैसे अँखियों में तुम मुस्कुराना

हो किरणों से ये मांग मेरी सजा दे

पूनम के चंदा की बिंदिया मंगा दे

तुझे मैं, तुझे मैं

तुझे माथे पे सजा लूँगी, ओ सैयां दीवाने


माथे पे झूमर, कानों में झुमका

पाँव में पायलिया, हाथो में हो कँगना

मुझे नौलखा मँगा दे रे, ओ सैयां दीवाने

तेरे क़दमों पे छलका दूँगी, मैं सारे मैख़ाने


लोग कहते हैं मैं शराबी हूँ

तुमने भी शायद ये ही सोच लिया हाँ

लोग कहते हैं...


किसी पे हुस्न का गुरुर, जवानी का नशा

किसी के दिल पे मोहब्बत की रवानी का नशा

किसी को देख के साँसों से उभरता है नशा

बिना पीये भी कहीं हद से गुज़रता है नशा

नशे में कौन नहीं है मुझे बताओ ज़रा

किसे है होश मेरे सामने तो लाओ ज़रा

नशा है सब पे मगर रंग नशे का है जुदा

खिली खिली हुई सुबह पे, है शबनम का नशा

हवा पे खुशबू का बादल पे, है रिमझिम का नशा

कही सुरूर है खुशियों का, कहीं ग़म का नशा


नशा शराब में होता तो नाचती बोतल

मैकदे झूमते पैमानों में होती हलचल

नशे में कौन नहीं है, मुझे बताओ ज़रा

लोग कहते हैं...


थोड़ी आँखों से पिला दे रे, सजनी दीवानी

तुझे मैं तुझे मैं

तुझे साँसों में बसा लूँगा, सजनी दीवानी

तुझे नौलखा मंगा दूँगा, सजनी दीवानी...

-------------

चित्रपट : शराबी
साल : १९८४
संगीत : बप्पी लाहिड़ी
गीत के बोल : अंजान
गायक / गायिका : किशोर कुमार - आशा भोंसले

No comments:

Post a Comment

दिल लेना खेल है दिलदार का - राहुल देव बर्मन

दिल लेना खेल है दिलदार का  - राहुल देव बर्मन दिल लेना खेल है दिलदार का  भूले से नाम ना लो प्यार का  प्यार भी रूठा यार भी रूठा  देखो मुझको दि...