जंगल में है बोले कोयल कु कु कू कु - आशा भोंसले - ऋचा शर्मा - आदित्य नारायण
कु कु कू कु
जंगल में है बोले कोयल कु कु कू कु
कु कू कु कु कू
जंगल में है बोले कोयल कु कु कू कु
कु कू कु कु कू
कहीं आग लगे लग जावे
कोई नाग डंसे डंस जावे
कभी गगन गिरे गिर जावे
चाहें कुछ भी हो जाये
इस टूटे दिल की पीड़ सही ना जाये
कहीं आग लगे लग जावे
कोई नाग डंसे डंस जावे
कभी गगन गिरे गिर जावे
चाहें कुछ भी हो जाये
इस टूटे दिल की पीड़ सही ना जाये
आओ सैयाँ.. आओ सैयाँ..
आओ सैयाँ.. आओ सैयाँ..
जाये जाँ, ना जाये जिया
जाये जिया ना जाये जिया
हर वक्त गुजर जाता है
पर दर्द ठहर जाता है
सब भूल भी जाये कोई
कुछ याद मगर आता है
जिस पेड़ को बेल ये लिपटे
वो सूखे टूटे सिमटे
फूलों के बाग का वादा
पर काँटे पले ज्यादा
ना दवा लगे ना दुआ लगे
ये प्रेम रोग है हु हु हू
आओ सैयाँ..
प्यार बड़ा हरजाई है
पर प्यार बिना तनहाई है
दिल मत देना कहते हैं
सब दिल देते रहते हैं
जब नींद चुरा लेते हैं
रतजगे मजा देते हैं
खुशियाँ इसी के गम से
रौनक इसी के दम से
कोई वचन नहीं चलता है
कोई जतन नहीं चलता है
ना हो ये रोग तो सारे लोग
ले लेवें जोग हो हु हु हू
आओ सैयाँ.. आओ सैयाँ..
सैयाँ.. आओ सैयाँ..
आओ सैयाँ.. आओ सैयाँ..
कहीं आग लगे (आओ सैयाँ)
कोई नाग डंसे (आओ सैयाँ)
कभी गगन गिरे (आओ सैयाँ)
चाहें कुछ भी हो जाये
इस सूनें दिल कि पीड़ सही ना जाये..
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