Thursday, 3 April 2025

क्‍या खूब लगती हो बडी सुन्‍दर दिखती हो - मुकेश - कंचन

क्‍या खूब लगती हो बडी सुन्‍दर दिखती हो - मुकेश - कंचन 


क्‍या खूब लगती हो बडी सुन्‍दर दिखती हो


क्‍या खूब लगती हो बडी सुन्‍दर दिखती हो

फिर से कहो कहते रहो अच्‍छा लगता है

जीवन का हर सपना अब सच्‍चा लगता है


क्‍या खूब लगती हो बडी सुन्‍दर दिखती हो

क्‍या खूब लगती हो बडी सुन्‍दर दिखती हो


तारीफ करोगे कब तक वोलो कब तक

मेरे सीने में सॉस रहेगी जब तक

कब तक मैं रहूॅगी मन में हॉ मन में

सूरज होगा जब तक नील गगन में


फिर से कहो कहते रहो अच्‍छा लगता है

जीवन का हर सपना अब सच्‍चा लगता है


क्‍या खूब लगती हो बडी सुन्‍दर दिखती हो

तुम प्‍यार प्यारी हो तुम जान हमारी हो 


खुश हो ना मुझे तुम पाकर मुझे पाकर 

प्‍यासे दिल को आज मिला है सागर 

क्‍या दिल में है और तमन्‍ना है तमन्‍ना 

हर जीवन में तुम मेरे ही बनना  


फिर से कहो कहती रहो अच्‍छा लगता है

जीवन का हर सपना अब सच्‍चा लगता है


क्‍या खूब लगती हो बडी सुन्‍दर दिखती हो

तुम प्‍यार प्यारे हो तुम जान हमारी हो 


तुम प्‍यार प्यारे हो तुम जान हमारी हो

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चित्रपट : धर्मात्मा
साल : १९७५
संगीत : कल्याणजी - आनंदजी
गीत के बोल : इंदिवर
गायक / गायिका : मुकेश - कंचन

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