धीरे धीरे चल चाँद गगन में - लता मंगेशकर - मोहम्मद रफ़ी
धीरे धीरे चल चाँद गगन में
कहीं ढल ना जाये रात, टूट ना जायें सपने
धीरे धीरे चल...
वो क्या चीज़ थी, मिला के नज़र गिरा दी
हुआ वो असर, के हमने नज़र झुका दी
गुन गुन गूँजे राग, आज पवन में
धीरे धीरे चल...
दो दिल मिल गये, दीये जल गये हज़ारों
अजी तुम मिल गये, तो गुल खिल गये हज़ारों
होंगी दो-दो बात आज मिलन में
धीरे धीरे चल...
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चित्रपट / एल्बम : लव मैरेज
साल : १९५९
संगीत : शंकर - जयकिशन
गीत के बोल : हसरत जयपुरी
गायक / गायिका : लता मंगेशकर - मोहम्मद रफ़ी
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