Wednesday, 2 April 2025

सुहाना सफ़र और ये मौसम हंसीं - मुकेश

सुहाना सफ़र और ये मौसम हंसीं  - मुकेश


सुहाना सफ़र और ये मौसम हंसीं (२)

हमें डर है हम खो न जाएं कहीं

सुहाना सफ़र ...


(ये कौन हँसता है फूलों में छूप कर 

बहार बेचैन है किसकी धुन पर ) - (२)

कहीं गुमगुम, कहीं रुमझुम, के जैसे नाचे ज़मीं

सुहाना सफ़र ...


(ये गोरी नदियों का चलना उछलकर 

के जैसे अल्हड़ चले पी से मिलकर ) - (२)

प्यारे प्यारे ये नज़ारे निखरे हैं हर कहीं

सुहाना सफ़र ...


हो हो हो ...

(वो आसमाँ झुक रहा है ज़मीं पर 

ये मिलन हमने देखा यहीं पर ) - (२)

मेरी दुनिया, मेरे सपने, मिलेंगे शायद यहीं

सुहाना सफ़र ...

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चित्रपट : मधुमती
साल : १९५८
संगीत : सलील चौधरी
गीतकार : शैलेन्द्र
गायक / गायिका : मुकेश

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