ऐ मेरी हमराज़ मुझको थाम ले ज़िन्दगी से भाग कर आया हूँ - सपना मुखर्जी – उदित नारायण
ऐ मेरी हमराज़ मुझको थाम ले
ज़िन्दगी से भाग कर आया हूँ
बारिश हो रही है
यह बारिश न होती
तोह भी न आती
आखिर तुम्हे आना हैं
ज़रा देर लगेगी
आखिर तुम्हे आना हैं
ज़रा देर लगेगी
बारिश का बहाना हैं
ज़रा देर लगेगी
आखिर तुम्हे आना हैं
ज़रा देर लगेगी
जानेमन आ जाओ
तुम्हे अपना समझकर
कोई आवाज दे रहा है
तुमने मुझे अपना
समझा है कब
तुम तोह मुझे
दुश्मन समझते हो
तुम होते जो दुश्मन
तोह कोई बात ही क्या थी
तुम होते जो दुश्मन
तोह कोई बात ही क्या थी
अपनो को
अपनो को मनना हैं
ज़रा देर लगेगी
अपनो को मनना हैं
ज़रा देर लगेगी
मेरी जान मेरे दर्दे
मोहब्बत का कुछ ख्याल करो
सब कुछ भुला दो
यह दर्दे मोहब्बत भी मिटा दो
हम दर्द मोहब्बत का
मिटा सकते हैं लेकिन
हम दर्द मोहब्बत का
मिटा सकते हैं लेकिन
ये रोग पुराना हैं
ज़रा देर लगेगी
ये रोग पुराना हैं
ज़रा देर लगेगी
यह रोमानी अन्दाज छोडो
जो कहना है वह कह डालो
ये बात नहीं वह के
में आते ही सुना दूँ
यह बात नहीं वह के
में आते ही सुना दूँ
सीने से
सीने से लगाना हैं
ज़रा देर लगेगी
सीने से लगाना हैं
ज़रा देर लगेगी
बारिश का बहाना हैं
ज़रा देर लगेगी
आखिर तुम्हे आना हैं
ज़रा देर लगेगी
आखिर तुम्हे आना हैं
ज़रा देर लगेगी
हो ज़रा देर लगेगी
हो ज़रा देर लगेगी
ज़रा देर लगेगी
ज़रा देर लगेगी
हो ज़रा देर लगेगी
हो ज़रा देर लगेगी.
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