Thursday, 3 April 2025

किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार - मुकेश

किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार -  मुकेश


किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार

किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार

किसी के वासते हो तेरे दिल में प्यार

जीना इसी का नाम है


माना अपनी जेब से फ़कीर हैं

फिर भी यारों दिल के हम अमीर हैं

मिटे जो प्यार के लिए वो ज़िन्दगी

जले बहार के लिए वो ज़िन्दगी

किसी को हो ना हो हमें तो ऐतबार

जीना इसी का नाम है...


रिश्ता दिल से दिल के ऐतबार का

ज़िन्दा है हमीं से नाम प्यार का

के मर के भी किसी को याद आयेंगे

किसी के आँसुओं में मुस्कुराएँगे

कहेगा फूल हर कली से बार-बार

जीना इसी का नाम है...

-----------

चित्रपट : अनाड़ी
साल : १९५९
संगीत : शंकर - जयकिशन
गीत के बोल : शैलेन्द्र
गायक / गायिका : मुकेश

No comments:

Post a Comment

दिल लेना खेल है दिलदार का - राहुल देव बर्मन

दिल लेना खेल है दिलदार का  - राहुल देव बर्मन दिल लेना खेल है दिलदार का  भूले से नाम ना लो प्यार का  प्यार भी रूठा यार भी रूठा  देखो मुझको दि...