आओगे जब तुम ओ साजना - उस्ताद राशिद खान
आओगे जब तुम ओ साजना..
आओगे जब तुम ओ साजना,
अंगना फूल खिलेंगे
बरसेगा सावन,
बरसेगा सावन झूम झूम के
दो दिल ऐसे मिलेंगे़।
आओगे जब तुम ओ साजना,
अंगना फूल खिलेंगे।
नैना तेरे कजरारे हैं,
नैनो पे हम दिल हारे हैं
अनजाने ही तेरे नैनो ने,
वादे किये कई सारे है।
साँसों की लय,
मद्धम चले,
तोसे कहे,
बरसेगा सावन,
बरसेगा सावन झूम झूमके
दो दिल ऐसे मिलेंगे।
आओगे जब तुम हो साजना,
अंगना फूल खिलेंगे।
गा पा पा सा सा रे गा गा
चंदा को ताकू रातो में,
है जिन्दगी तेरे हाथो में
पलको पे झिलमिल तारे हैं,
आना भरी बरसातो में।
सपनो का जहां,
होगा खिला खिला
बरसेगा सावन,
बरसेगा सावन झूम झूम के
दो दिल ऐसे मिलेंगे।
पा नी सा रे मा मा गा गा गा गा रे
रे रे गा रे नी सा रे मा गा नी धा
धा नी रे पा मा मा मा धा धा मा रे मा गा
गा मा धा नी सा गा रे पा मा पा गा गा सा रे गा सा
(अंगना फूल खिलेंगे)
पा नी धा रे रे सा रे पा मा मा मा गा
(अंगना फूल खिलेंगे)
मा मा मा पा नी नी सा नी पा पा रे रे सा सा
रे पा पा मा मा गा गा
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