Wednesday, 2 April 2025

मिलती है ज़िंदगी में मोहब्बत कभी-कभी - लता मंगेशकर

मिलती है ज़िंदगी में मोहब्बत कभी-कभी -  लता मंगेशकर


मिलती है ज़िंदगी में मोहब्बत कभी-कभी

होती है दिल्बरों की इनायत कभी-कभी


शर्मा के मुँह न फेर नज़र के सवाल पर

लाती है ऐसे मोड़ पर क़िस्मत कभी-कभी


खुलते नहीं हैं रोज़ दरिचे बहार के

आती है जान-ए-मन ये क़यामत कभी-कभी


तनहा न कट सकेंगे जवानी के रास्ते

पेश आएगी किसीकी ज़रूरत कभी-कभी


फिर खो न जाएं हम कहीं दुनिया की भीड़ में

मिलती है पास आने की मुहलत कभी-कभी


होती है दिल्बरों की इनायत कभी-कभी

मिलती है ज़िंदगी में मोहब्बत कभी कभी ...

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चित्रपट : आँखे
साल : १९६८
संगीत : रवी
गीतकार : साहिर लुधियानवी
गायक / गायिका : लता मंगेशकर

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