Wednesday, 2 April 2025

नसीब इंसान का चाहत से ही संवारता है - मनहर उदास - कंचन - आनंद कुमार

 नसीब इंसान का चाहत से ही संवारता है - मनहर उदास - कंचन - आनंद कुमार


Anand

ओ हो, हो हो

नसीब इंसान का, नसीब इंसान का

नसीब इंसान का चाहत से ही संवारता है

क्या बुरा इस में किसी पर जो कोई मरता है


Manhar

हम तुम्हे चाहते हैं ऐसे

हम तुम्हे चाहते हैं ऐसे

मरने वाला कोई

मरने वाला कोई ज़िन्दगी चाहता हो जैसे

हम तुम्हे चाहते हैं ऐसे


रूठ जाओ अगर तुम तो क्या हो

रूठ जाओ अगर तुम तो क्या हो

पल में ऐसे लगे

पल में ऐसे लगे, जिस्म से जान जैसे जुदा हो

हम तुम्हे चाहते हैं ऐसे

मरने वाला कोई

मरने वाला कोई ज़िन्दगी चाहता हो जैसे

हम तुम्हे चाहते हैं ऐसे


Kanchan

रा रा, रु रा रा

ज़रा पूछो तो मेरा इरादा

ज़रा पूछो तो मेरा इरादा

मुझे किस्से है प्यार, मेरा दिल का है कौन शेह्जादा

ज़रा पूछो तो मेरा इरादा

मेरे ख़्वाबों में जो सज रहा है

मेरे ख़्वाबों में जो सज रहा है

वो खुदा तो नहीं, पर ज़माने में सब से जुदा है

मेरे ख़्वाबों में जो सज रहा है



Manhar

ज़िन्दगी बिन तुम्हारे अधूरी

ज़िन्दगी बिन तुम्हारे अधूरी

तुमको पालूँ अगर

तुमको पालूँ अगर, हर कमी मेरी हो जाए पूरी

ज़िन्दगी बिन तुम्हारे अधूरी


ले चलेंगे तुम्हे हम वहां पर

ले चलेंगे तुम्हे हम वहां पर

तन्हाई सनम

तन्हाई सनम शेहनाई बन जाए जहाँ पर

हम तुम्हे चाहते हैं ऐसे

मरने वाला कोई

मरने वाला कोई ज़िन्दगी चाहता हो जैसे

हम तुम्हे चाहते हैं ऐसे

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चित्रपट : कुर्बानी
साल : १९८०
संगीत : कल्याणजी - आनंदजी
गीतकार : इंदीवर
गायक / गायिका : मनहर उदास - कंचन - आनंद कुमार

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