खुली नजर क्या खेल दिखेगा दुनिया का - किशोर कुमार - अमित कुमार
खुली नजर क्या खेल
दिखेगा दुनिया का
बंद आँख से देख
तमाशा दुनिया का
जाओ बच्चो तुम
भी मेरे साथ गाओ
खुली नजर क्या खेल
दिखेगा दुनिया का
बंद आँख से देख
तमाशा दुनिया का
आमिर तुम भी गाओ
खुली नजर क्या खेल
दिखेगा दुनिया का बच्चों
बंद आँख से देख
तमाशा दुनिया का
आज के इंसानों की
बस्ती जो दुनिया कहलाये
आज के इंसानों की
बस्ती जो दुनिया कहलाये
न देखे सो चैन से
बैठे देखे सो पछताए
ऐसा है कुछ आज
नजारा दुनिया का
बंद आँख से देख
तनाशा दुनिया का
कोई न इसको देख रहा है
इसका पता जब चलता है
कोई न इसको देख रहा है
इसका पता जब चलता है
भाई मेरे तब जग्वालो
का असली रूप निकालता है
पल में बदल जाता है
नक्शा दुनिया का
बंद आँख से देख
तनाशा दुनिया का
खुली नजर क्या खेल
दिखेगा दुनिया का
बंद आँख से देख
तमाशा दुनिया का
खुली नजर क्या खेल
दिखेगा दुनिया का
बंद आँख से देख
तमाशा दुनिया का.
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